पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट में बदलाव की मांग, 140 घरों और KSR कॉलेज को बचाने की गुहार

समस्तीपुर : पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के सरायरंजन में वर्तमान प्रस्तावित अलाइनमेंट में संशोधन की मांग तेज हो गई है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे रूट सुधार जन संघर्ष समिति, सरायरंजन की ओर से पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र को ज्ञापन सौंपकर करीब 140 घरों और लगभग 50 वर्ष पुराने KSR कॉलेज को प्रभावित होने से बचाने की मांग की गई है। इस दौरान खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी को भी ज्ञापन सौंपकर लोगों ने हस्तक्षेप की मांग की।
समिति का कहना है कि वर्तमान प्रस्तावित अलाइनमेंट सरायरंजन में घनी आबादी और बाजार क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। इससे करीब 140 मकान व दुकान प्रभावित होने की स्थिति है। इसके अलावा KSR कॉलेज के इंटर एवं डिग्री कॉलेज भवन के हिस्से तथा करीब दो-तिहाई खेल मैदान के भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समिति ने कहा है कि इससे स्थानीय परिवारों की आजीविका के साथ विद्यार्थियों की शिक्षा पर भी गंभीर असर पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया है कि समिति विकास का विरोध नहीं करती, बल्कि न्यूनतम विस्थापन और जनहित को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेस-वे का निर्माण चाहती है। विशेष रूप से आसपास पर्याप्त एकफसली खेत एवं पथ क्षेत्र उपलब्ध होने का हवाला देते हुए वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने की मांग की गई है।


8 मई 2025 को दिया गया था वैकल्पिक मार्ग का भरोसा :
समिति ने बताया कि 8 मई 2025 को तत्कालीन एवं वर्तमान विधायक सरायरंजन के मौखिक निर्देश पर NHAI के कनीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में जिला एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारियों ने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया था कि वर्तमान विवादित रूट पर काम नहीं होगा। बैठक में एक वैकल्पिक नक्शा भी तैयार कर लोगों को दिखाया गया था। समिति का आरोप है कि बाद में उक्त नक्शे के विपरीत पूर्ववत विवादित रूट पर ही अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

प्रभावित परिवारों के हित में रोक लगाने की मांग :
समिति ने पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र से मांग की है कि वर्तमान अलाइनमेंट का पुन: तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए और कम से कम नुकसान वाले वैकल्पिक मार्ग का चयन किया जाए। साथ ही KSR कॉलेज के भवन एवं मैदान को क्षति से बचाने की मांग की गई है। ज्ञापन में प्रभावित गृहस्थों के साथ जनसुनवाई कर उनकी आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार करने तथा करीब 140 परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए आपत्तियों के निपटारे एवं अलाइनमेंट में आवश्यक सुधार तक भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। मौके पर सुशील यादव, उमेश झा, किशोरी साह, सुरेंद्र महतो समेत दर्जनों प्रभावित परिवार के लोग उपस्थित रहे।




