सरायरंजन में अखिल भारतीय कुर्मी चेतना मंच का सामाजिक मिलन व सम्मान समारोह आयोजित

समस्तीपुर/सरायरंजन : उच्च विद्यालय सरायरंजन के सभागार में रविवार को अखिल भारतीय कुर्मी चेतना मंच के तत्वावधान में सामाजिक मिलन सह पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वारिसनगर के विधायक डॉ. मांजरिक मृणाल ने कहां कि कुर्मी समाज की भूमिका और उसकी एकजुटता कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहां कि देश की अखंडता और निर्माण के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा दिए गए महान योगदान व बलिदान को इस समाज को हमेशा याद रखना चाहिए। कहां कि हमें किसी भी परिस्थिति में अपनी आपसी एकता को टूटने नहीं देना है और समाज को नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए एकजुट होकर काम करना है।
उन्होंने कहां कि महिलाओं को भी जागरूक होने की जरूरत है। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अशोक कुमार मुन्ना ने कहा कि कुर्मी समाज सदैव से ही अपनी मेहनत, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए जाना जाता है। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और राजनीतिक व सामाजिक चेतना जागृत करना ही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज का भगवान के समय से ही एक इतिहास रहा है। इसलिए कुर्मी समाज को ईमानदारी और एकजुटता के साथ आगे तक चलते रहना है। सभी को शिक्षित बनाने की आवश्यकता है। तभी सरदार वल्लभभाई पटेल का सपना पूरा होगा। इसी क्रम में पूर्व कैप्टन रविंद्र प्रसाद कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना और कुर्मी समाज के गौरव को पुनर्गठित करना है।

सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधे लगाना भी हमारे समाज की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी आगंतुकों के बीच पौधे वितरित किए गए। इससे पूर्व सभी अतिथियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रमुख राम प्रवेश राय ने की। मंच का संचालन जदयू किसान प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष जय कुमार राय उर्फ जय सिंह ने किया। मौके पर विभूतिपुर जिला पार्षद रीना राय, इंजीनियर अनिल कुमार, पूर्व सहायक निदेशक डॉ. अशोक कुमार, प्रमोद पटेल, चंदेश्वर राय, चांदनी देवी, संजू कुमारी, सत्यनारायण राय, बलराम, छोटू जी, भिखारी राय, चंदन सिंह, अजीत कुमार राय, रविन्द्र राय आदि मौजूद थे।




