बिहार के गांव अब डिजिटल बदलाव की नई राह पर बढ़ने वाले हैं. पंचायती राज विभाग जल्द ही ‘ग्राम मानचित्र’ योजना शुरू करने जा रहा है. इस योजना के तहत राज्य के हर गांव का विस्तृत डिजिटल मैप तैयार किया जाएगा. गांव की सड़क, गली, खेत, तालाब, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी भवन जैसी हर महत्वपूर्ण जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी, योजनाबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है.
‘ग्राम मानचित्र’ एक जीआईएस (Geographic Information System) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा. इसमें गांव की हर सरकारी और निजी संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इसके जरिए पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं की निगरानी भी आसानी से की जा सकेगी. सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की योजना बनाना, उनकी प्रगति पर नजर रखना और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना पहले से कहीं आसान हो जाएगा.
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि गांव के अंदर मौजूद हर सड़क, गली और संपर्क मार्ग को पहली बार एक यूनिक डिजिटल पहचान दी जाएगी. हर सड़क को उसके प्रकार, राज्य, जिला और गांव के आधार पर अल्फा-न्यूमेरिक कोड मिलेगा. इसके साथ ही प्रत्येक सड़क पर क्यूआर कोड वाला साइन बोर्ड लगाया जाएगा.
अगर कोई व्यक्ति सड़क पर लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करेगा, तो उसे उसी समय उस सड़क की पूरी जानकारी मिल जाएगी. मोबाइल स्क्रीन पर सड़क की सटीक लोकेशन, वर्तमान स्थिति और उससे जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड दिखाई देगा. इससे गांवों में रास्ता ढूंढना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा.
‘ग्राम मानचित्र’ ऐप पर गांव की लगभग हर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसमें खेत, सड़क, पुल, तालाब, नहर, जल स्रोत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र, सरकारी भवन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बनी परिसंपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा. इससे पंचायतों के पास वास्तविक और अपडेटेड डाटा उपलब्ध रहेगा.
डिजिटल डाटा मिलने के बाद पंचायत अधिकारियों के लिए विकास योजनाएं तैयार करना अधिक आसान होगा. किस गांव में किस सुविधा की कमी है, किस सड़क की मरम्मत जरूरी है या कहां नई योजना शुरू करनी है, इसका फैसला वास्तविक आंकड़ों के आधार पर किया जा सकेगा. इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में भी पारदर्शिता बढ़ेगी.
इस योजना का फायदा सिर्फ प्रशासन को ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को भी मिलेगा. गांव में किसी भी स्थान का पता ढूंढना आसान होगा. डाक और कूरियर सेवाएं सही पते पर तेजी से पहुंच सकेंगी. एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को लोकेशन खोजने में कम समय लगेगा. लोग सरकारी विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी सीधे डिजिटल मैप पर देख सकेंगे.
ग्राम मानचित्र योजना के लागू होने के बाद गांवों का एक आधुनिक डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा. जल संरक्षण, सिंचाई, स्वच्छता, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की सटीक जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगी. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण विकास की रफ्तार तेज होगी, योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और तकनीक के जरिए गांवों को स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.
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