‘सम्राट चौधरी तो अंगूठा छाप मुख्यमंत्री हैं’, टेंडर घोटाले पर तेजस्वी यादव का हमला, बोले- CMO तक जुड़े हैं तार

बिहार की राजधानी पटना में रविवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्राट सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि बिहार में 21 साल से सत्ता में बैठी सरकार से जनता अब जवाब मांग रही है. तेजस्वी ने सरकार की आर्थिक हालत, घोटालों और एक चर्चित मामले को लेकर कई तीखे सवाल उठाए हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में तेजस्वी यादव ने मीडिया के सभी साथियों का स्वागत किया और सबसे शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, उसी से जनता आज जवाब चाहती है.

तेजस्वी ने कहा कि पिछले कई महीनों से एक मामले को लेकर चर्चा चल रही है, जिसमें बड़े अधिकारियों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री कार्यालय तक के लोगों की भूमिका की बात सामने आ रही है. उन्होंने इस मामले पर कुछ गंभीर सवाल पूछे हैं, जिनका जवाब जनता जानना चाहती है.
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार की गलत नीतियों के कारण बिहार की आर्थिक हालत खराब हो रही है. उनका कहना है कि राज्य की कमाई घट रही है, कर्ज बढ़ रहा है और भ्रष्टाचार बेकाबू हो गया है.

उन्होंने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने, छात्रों को स्कॉलरशिप देने और किसानों व पेंशनरों को पैसा देने तक के लिए फंड नहीं बचा है, लेकिन भ्रष्ट लोगों की कमाई लगातार बढ़ रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी फंड से करीब 3,660 करोड़ रुपये निकाले हैं, जो सामान्य सरकारी योजनाओं पर खर्च किए जा रहे हैं. तेजस्वी का कहना है कि इससे साफ पता चलता है कि राज्य की आर्थिक स्थिति कितनी खराब हो चुकी है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि रिशु श्री का मामला कई दिनों से चर्चा में है और इसमें कथित तौर पर बड़े लोगों की मिलीभगत की बात सामने आ रही है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि हर घोटाले में छोटे कर्मचारी पकड़े जाते हैं, लेकिन बड़े अधिकारी और मंत्री हमेशा बचे रहते हैं. उन्होंने सृजन घोटाला, कैग रिपोर्ट और टेंडर घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि किसी बड़े नेता या अधिकारी पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई.

उन्होंने पुराने डक टैक्स सिस्टम का भी जिक्र किया, जिसमें बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता था. तेजस्वी ने कहा कि जब उनकी पार्टी 17 महीने सरकार में थी, तब उन्होंने इस सिस्टम पर कार्रवाई की और पांच लाख लोगों को नौकरी दी, लेकिन यह कुछ लोगों को पसंद नहीं आया.

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को ‘अंगूठाछाप’ मुख्यमंत्री बताते हुए निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे उनके 20 सवालों का जवाब दें. उन्होंने पूछा कि एक कथित ठेकेदार कई विभागों के टेंडर कैसे प्रभावित कर रहा था, ईडी की जांच में सामने आए तथ्यों के बावजूद कथित संरक्षण किसने दिया और दो आईएएस अधिकारियों को निलंबित किए जाने के बाद भी उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
