दलसिंहसराय थाना के खिलाफ CPI(M) का अनिश्चितकालीन धरना, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और लंबित मामलों में गिरफ्तारी की मांग

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : दलसिंहसराय–विद्यापतिनगर लोकल कमिटी के तत्वावधान में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने बुधवार को दलसिंहसराय थाना के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने एनएच-28 दलसिंहसराय चौराहे से जुलूस निकाला। गुदरी रोड व थाना रोड होते हुए जुलूस अंचल परिसर स्थित धरना स्थल पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। धरना स्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता कामरेड रामसेवक राय ने की।
सभा को संबोधित करते हुए माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य व विभूतिपुर विधायक अजय कुमार ने अशोक कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में दरोगा नईम अंसारी व चौकीदार उमेश पासवान के निलंबन की मांग की। उन्होंने केवटा पंचायत के कागपुर निवासी अजित कुमार हत्याकांड के आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। साथ ही पुलिस प्रशासन की कार्यशैली का मामला सदन में उठाने की बात कही।


धरना के दौरान पार्टी नेताओं ने सुनील पोद्दार के आवेदन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने, केवटा की पीड़ित लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी में हो रही देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और पुलिस की कार्यशैली से आम लोगों में भय व आक्रोश का माहौल है।

सभा को माकपा राज्य कमिटी सदस्य व दलसिंहसराय–विद्यापतिनगर लोकल कमिटी की अंचल सचिव नीलम देवी, जिला सचिव मंडल सदस्य विधान चंद्र, जिला कमिटी सदस्य दिनेश पासवान, मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, रंजीत राय, रामनाथ महतो, रामबालक राय, नरेश दास सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। मौके पर अरविंद राय, रामएकबाल दास, महेंद्र सिंह, अर्जुन राय, खदेरन पासवान, अमरकांत कुशवाहा, सुनील सिंह, शंभु पासवान, रामबरन सहनी, श्याम शाह, राजकुमार राम, अजित राय की पत्नी, अशोक महतो, श्रवण शाह, साबिता देवी, एसएफआई छात्र नेता कुन्दन यादव, नवनित कुमार, दीपक कुमार, कुन्दन कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और लंबित मामलों में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।



