‘परीक्षा के समय सब्जेक्ट बदल जाता है, पढ़ाने वाले ही बेईमान निकलते हैं’, विभाग बदलने पर विजय सिन्हा का छलका दर्द!

‘मैं तल्लीनता से पढ़ाई करता हूं, लेकिन परीक्षा के समय सब्जेक्ट ही बदल जाता है…’, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बार-बार अपने विभाग बदले जाने पर सार्वजनिक रूप से अपना दर्द जाहिर किया. अपनी पीड़ा जताते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं बेईमान लोगों पर कार्रवाई करने की सोचता हूं, तब उनका विभाग ही बदल दिया जाता है. विजय सिन्हा ने ये बातें मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में कहीं. राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित “बिहार लीची संगम : बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम में मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि वह पूरी तल्लीनता से पढ़ाई करते हैं, लेकिन परीक्षा देने के समय उनका सब्जेक्ट ही बदल दिया जाता है.
मंत्री विजय सिन्हा ने आगे कहा कि मैं फिर भी परीक्षा देने की कोशिश करता हूं. फिर से पढ़ाई करता हूं तो पढ़ने वाले लोग ही बेईमान निकलते हैं और जब उन पर कार्रवाई करता हूं, तब तक सब्जेक्ट ही बदल जाता है.

उन्होंने खुले मंच से लोगों को संदेश दिया कि लोग बदल जाते हैं, लेकिन स्वभाव नहीं बदलता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सोचा कि अब राजस्व से हट गए हैं, तो राहत मिल गई है, लेकिन हमने साफ तौर पर कहा कि अब विजय सिन्हा नहीं रहा, अब विजय बिहारी हो गया है. अब मुझे पूरे बिहार की लोगो चिंता है, इसलिए उनकी जमीन को सुरक्षित रखने का संकल्प हमने छोड़ा नहीं है.

बता दें कि जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 तक नीतीश कुमार की सरकार में विजय सिन्हा, बिहार के उपमुख्यमंत्री और भूमि सुधार मंत्री थे. वर्तमान समय में सम्राट चौधरी की सरकार में उन्हें कृषि मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है. सम्राट सरकार में उनका विभाग बदला जाना, किसी को भी समझ नहीं आया था, क्योंकि वे अपने मंत्रालय में बड़ी सख्ती से काम कर रहे थे.



