इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक पास छात्रों की नौकरी पक्की, विजय चौधरी ने बताया सम्राट सरकार का प्लान

सम्राट चौधरी की सरकार बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कालेजों से उत्तीर्ण छात्रों को नौकरी सुनिश्चित करेगी। उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने विभाग को निर्देश दिया है। सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से सृजित किये जाएं। प्लेसमेंट के लिए विभिन संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित की जाय। उन्होंने इन संस्थाओं को एक ‘कंसिस्टेंट एप्रोच’ के साथ काम करने की सलाह दी।
उप मुख्यमंत्री ने विभाग की ओर से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की नियुक्ति, तारामंडल एवं साइंस सिटी की भी समीक्षा की। प्रगति तथा नवाचार से जुड़ी गतिविधियों की गहन समीक्षा की। कहा कि सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से सृजित किये जाएं। प्लेसमेंट के लिए विभिन संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित की जाये । बैठक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के मानसिक और समग्र विकास पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।

डिप्टी सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाए और अभिभावकों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों पर विभाग तत्परता से कार्य करे। विभाग के निदेशक अहमद महमूद ने जानकारी दी कि विभाग शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल्स’ की नियुक्ति की दिशा में कार्य कर रहा है। समीक्षा बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार, संयुक्त सचिव कुमार सिद्धार्थ, संयुक्त निदेशक मंजीत कुमार, एसबीटीई के सचिव चंद्रशेखर सिंह, परियोजना निदेशक बीसीएसटी अनंत कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी मोनिका ठाकुर आदि थीं।

मान्यता और शिक्षा की गुणवत्ता पर मिशन मोड में कार्य
राज्य के अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों की रैंकिंग पर विशेष बल देते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एनबीए जैसी संस्थाओं से एक्रेडिटेशन (मान्यता) प्राप्त करने की दिशा में ‘मिशन मोड’ में काम हो। जिन संस्थानों ने अब तक मान्यता के लिए दावा नहीं किया है, उनका विस्तृत ब्यौरा तलब किया जाए । विभाग में इसके लिए एक सेल का गठन करते हुए नोडल पदाधिकारी नामित किया जाए ।
तारामंडल में नवाचार और वैज्ञानिक जागरूकता
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभाग के बीआईआरएससी की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद से आवश्यक समन्वय स्थापित कर ‘नाइट स्काई एटलस’ जैसी नवीनतम तकनीक राज्य के विकासात्मक कार्यों के लिए उपयोग किया जाय।




