BPSC AEDO पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन: EOU ने संभाली जांच, SIT गठित… जल्द बड़े खुलासे के संकेत

बिहार में प्रतियोगी परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एईडीओ परीक्षा में पेपर लीक और कदाचार के आरोप लगे हैं। मामले ने राज्यभर में हलचल पैदा कर दी है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का फैसला लिया। अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को जांच सौंपी गई है। इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है।
EOU ने अपने हाथ में लिया पूरा मामला
आर्थिक अपराध इकाई ने केस को टेकओवर कर लिया है। मुंगेर और नालंदा के दो मामलों को शामिल किया गया है। दोनों जिलों में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई हुई है। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल करेगी। पेपर लीक के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश होगी। इससे केस में तेजी आने की संभावना है।

SIT का गठन, एसपी राजेश कुमार को जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT बनाई गई है। इस टीम का नेतृत्व एसपी राजेश कुमार करेंगे। टीम में कई अनुभवी पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। डीएसपी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। टीम साक्ष्य जुटाने में जुट गई है।

साइबर और STF की भी ली जाएगी मदद
जांच में तकनीकी पहलुओं को भी शामिल किया गया है। साइबर सुरक्षा इकाई की मदद लेने का निर्णय हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से भी सहयोग मांगा गया है। डिजिटल एंगल को खंगालने पर विशेष जोर दिया जाएगा। ऑनलाइन नेटवर्क और लीक चैनल की जांच होगी। इससे पूरे गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

जांच की निगरानी DIG स्तर से होगी
EOU के वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जांच को तेज और निष्पक्ष रखने पर जोर दिया गया है। DIG स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा।

कई बड़े नामों के सामने आने की संभावना
जांच के दौरान बड़े खुलासे होने के संकेत मिले हैं। इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। गिरफ्तारियों का दौर भी शुरू हो सकता है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। मामले पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

