सात दिन में सुधार करें वरना ताला…खान सर के संस्थानों पर नया संकट, फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट का कड़ा एक्शन

पटना के खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अब यह कोचिंग सेंटर बंद हो सकता है. फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. बिहार फायर सर्विस के डीआईजी मनोज कुमार नट ने कहा है कि संस्थान में अग्निशमन मानकों का पालन नहीं किया गया है. अगर 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो कोचिंग बंद करने की कार्रवाई हो सकती है.
नोटिस के बाद भी नहीं मिली संतुष्टि
डीआईजी ने बताया कि कोचिंग संस्थान को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है. पूर्व में एसडीओ के साथ मिलकर जांच भी की गई थी. उस समय कई खामियां सामने आई थीं. अब दोबारा जांच में भी गंभीर लापरवाही पाई गई है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम पूरे नहीं हुए तो सख्त कदम उठाया जाएगा.

राज्यभर में फायर सेफ्टी पर सख्ती
दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट है. पटना में भी कई अस्पताल और होटल पर कार्रवाई हो चुकी है. कई बड़े अस्पतालों और संस्थानों को सील करने का आदेश दिया गया है. प्रशासन अब किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.

FIR के बाद से लापता हैं खान सर
2 जून को मुसल्लहपुर हाट इलाके में कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग और बवाल हुआ था. इसके बाद खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में उनके दो बॉडीगार्ड पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं. तभी से खान सर पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं.

बॉडीगार्ड के बयान से बढ़ा विवाद
पुलिस के मुताबिक दोनों बॉडीगार्ड ने बयान दिया था कि फायरिंग खान सर के कहने पर की गई थी. इसी आधार पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया. हालांकि इस मामले में कई तरह के दावे और विवाद सामने आ रहे हैं. पुलिस अब भी जांच में जुटी है.

कोचिंग विवाद में पहले भी हो चुका है बवाल
इस पूरे मामले में ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को भी गिरफ्तार किया गया है. उन पर कोचिंग पर हमले और विवाद से जुड़े आरोप हैं. सोशल मीडिया वीडियो सामने आने के बाद मामला और उलझ गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी.

अब नजर कोर्ट और जमानत पर
फैसल खान की ओर से अब तक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है. उनके वकीलों का कहना है कि जल्द ही याचिका दाखिल की जाएगी. फिलहाल पुलिस उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में है, जबकि प्रशासन फायर सेफ्टी मामले में भी सख्त रुख अपनाए हुए है.
