डीएसपी गौतम कुमार केस में नया ट्विस्ट, देर रात को धड़धड़ाते हुए थार लेकर SDPO ऑफिस पहुंचे संदिग्ध , दस्तावेज हटाने की आशंका के एंगल पर जांच

बिहार के किशनगंज में आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़े संपर्कों की जांच चल रही है. इसी बीच किशनगंज अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक लाल रंग की थार गाड़ी की एंट्री और उसमें सवार लोगों की गतिविधियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक शनिवार रात करीब 8 बजे एक लाल रंग की थार अचानक अनुमंडल कार्यालय परिसर में दाखिल हुई. गाड़ी में सवार तीन लोग सीधे एसडीपीओ कार्यालय में गए और करीब 15 मिनट बाद बाहर निकल आए. रात के समय इस तरह की गतिविधि ने वहां मौजूद कर्मियों और पुलिस को सतर्क कर दिया.
पूरी घटना को बारीकी से समझिए
शनिवार रात करीब 8 बजे एक लाल रंग की थार (BR11BB 7973) अचानक अनुमंडल कार्यालय परिसर में दाखिल होती है. आम दिनों में जहां यह परिसर शाम होते ही शांत हो जाता है, वहीं रात के समय गाड़ी की मौजूदगी ने वहां तैनात कर्मियों को चौंका दिया. गाड़ी से उतरे तीन लोग सीधे एसडीपीओ कार्यालय की ओर बढ़े और बिना किसी औपचारिक सूचना के अंदर चले गए. करीब 15 मिनट तक वे कार्यालय के भीतर रहे और फिर बाहर निकल आए. यह पूरी गतिविधि इतनी अचानक और असामान्य थी कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को संदेह होना स्वाभाविक था.

पुलिस की तत्परता, मौके पर कार्रवाई
इसके बाद जैसे ही गाड़ी परिसर से बाहर निकलने लगी, एक सतर्क पुलिसकर्मी ने उसे रोक लिया. पूछताछ के दौरान गाड़ी में सवार लोगों की पहचान मोहम्मद हबीब, चालक सौदागर और एक नाबालिग के रूप में हुई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीनों को तुरंत सदर थाना ले जाया गया. मौके पर प्रभारी एसडीपीओ मंगलेश कुमार और अन्य अधिकारी भी पहुंच गए. पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. कुछ देर के लिए अनुमंडल कार्यालय परिसर में अफरातफरी जैसा माहौल बन गया.

जांच के दायरे में पुराना मामला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच चल रही है. 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई के बाद से इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि संदिग्ध लोग किसी दस्तावेज या अन्य सामग्री को निकालने या छेड़छाड़ करने के उद्देश्य से कार्यालय पहुंचे हो सकते हैं. हालांकि अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

क्या सच में AC खोलने पहुंचे थे आरोपी?
मिली जानकारी के मुताबिक एसडीपीओ कार्यालय में लगे AC को खोलने ये लोग पहुंचे थे. बताया जाता है पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार ने अपने खर्च से कार्यालय में ऐसी लगवाया था जिसे ये लोग खोल कर ले जाने पहुंचे थे. वह थार गाड़ी पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के आवास पर रहता था जिसपर सवार सभी लोगों से वर्तमान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मंगलेश कुमार सिंह द्वारा फिलहाल पूछताछ की जा रही है.

‘एसी खोलने’ की दलील पर उठे सवाल
पूछताछ के दौरान गाड़ी सवारों ने भी यही दावा किया कि वे कार्यालय में लगी एसी को खोलने आए थे. लेकिन इस दलील ने ही कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. रात के समय सरकारी कार्यालय में इस तरह का काम क्यों किया जा रहा था. इसके लिए किसकी अनुमति ली गई थी. और क्या यह कार्य पहले से तय था या अचानक किया गया. एसपी संतोष कुमार ने भी माना कि शुरुआती जवाब संतोषजनक नहीं हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है.

मामले का जल्द खुलासा किए जाने का दावा
फिलहाल पुलिस तीनों संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस घटना के पीछे असल मंशा क्या थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह गतिविधि आय से अधिक संपत्ति मामले से जुड़ी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा. लेकिन फिलहाल इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जांच के इस संवेदनशील दौर में हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
