बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीजेपी से आजीवन दोस्ती रखने के बयान पर सियासत चरम पर है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अब इस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को डराने के लिए नीतीश ऐसा कह रहे हैं। उन्होंने लालू से कहा है कि वे नीतीश से डरे नहीं बल्कि उन्हें धक्का देकर बाहर निकालें और अपने बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठाएं। नीतीश के लिए बीजेपी के खिड़की-दरवाजे बंद हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार का बीजेपी प्रेम नहीं छलक रहा है, बल्कि छक्का-पंजा की लड़ाई चल रही है। जब-जब लालू यादव, नीतीश पर लगाम कसते हैं, तब वे कहते हैं कि मैं बीजेपी में चला जाऊंगा। गिरिराज ने कहा कि नीतीश ‘मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो’ कहकर लालू को डराते हैं।
उन्होंने कहा कि अब उनके पास बचा क्या है, बीजेपी का दरवाजा उनके लिए बंद है। अटलजी को मरे हुए कितने साल हुए, लेकिन अब जाकर वे उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि देने गए। इसी तरह लालू यादव को डराने के लिए इस साल उन्हें दीनदयाल उपाध्याय याद आए।
बीजेपी से दोस्ती वाले बयान पर नीतीश ने दी सफाई, जानिए क्या कहा
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के सीट बंटवारे को लेकर लालू यादव और नीतीश कुमार के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। इसी लिए नीतीश बार-बार बीजेपी में जाने की बात कह कर लालू को डरा रहे हैं। दूसरी ओर, लालू अपने बेटे तेजस्वी यादव के लिए चिंतित है, कि कहीं वो आधे रास्ते में मुख्यमंत्री बनते-बनते न रह जाएं।
गिरिराज ने लालू यादव से कहा कि अगर वो उन्हें बुलाएं तो समझाएंगे कि नीतीश कुमार को धक्का देकर बाहर कीजिए और अपने बेटे को गद्दी पर बैठाइए। नहीं तो नीतीश गद्दी देने वाले नहीं हैं। क्योंकि वे अंग्रेजों के जमाने के सत्ता परस्त हैं।
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