बिहार में ‘Bed’ Performance के लिए काटी गई टीचर्स की सैलरी, वायरल हो रहा शिक्षा विभाग का पत्र
बिहार के जमुई में जिला शिक्षा कार्यालय से जारी आदेश पत्र में एक अंग्रेजी शब्द में हुई स्पेलिंग मिस्टेक से बवाल मच गया. आधिकारिक दस्तावेज में गलती से बिहार के जमुई में स्कूली शिक्षकों के वेतन में कटौती का कारण ‘bed performance’ बताया गया था. अक्सर सुर्खियों में रहने वाला बिहार का शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार मामला कुछ अजीबोगरीब है.
#Bihar | As the letter went viral on social media, the office of the DEO hurriedly came out with a clarification.
"Bad performance was mistakenly typed as 'bed performance' due to typing error," the DEO letter clarified.
Details here 🔗 https://t.co/mr59F72KEU pic.twitter.com/a5i1wCoby1
— The Times Of India (@timesofindia) May 29, 2024

विभाग ऑनलाइन ट्रोलर्स के निशाने पर
दरअसल जमुई जिला शिक्षा कार्यालय से जारी आदेश पत्र में एक अंग्रेजी शब्द में गलत स्पेलिंग की वजह से शिक्षा विभाग की खूब आलोचना हो रही है और विभाग ऑनलाइन ट्रोलर्स के निशाने पर है. जिस शब्द को लेकर बवाल मच रहा है वो अंग्रेजी का Bed (बिस्तर) शब्द है, जबकि इसकी जगह BAD (खराब) परफॉर्मेंस लिखा जाना था.

16 शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई
बता दें कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पिछले हफ्ते कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था. इस दौरान कई शिक्षक गैरहाजिर पाए गए. अधिकारियों ने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले कई और शिक्षकों की भी पहचान की थी. निरीक्षण के बाद, जमुई में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 16 शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख करते हुए एक पत्र जारी किया. निरीक्षण के बाद 16 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय ज्ञापांक 3755 दिनांक 22 मई 2024 को एक कार्यालय आदेश निर्गत किया गया.

एक ही दस्तावेज में 14 बार दोहराई गई गलती
दस्तावेज़ में उल्लेख किया गया कि शिक्षकों के ‘Bed Performance’ (बिस्तर पर प्रदर्शन) के कारण उनके वेतन में कटौती की जा रही है. जबकि यहां पर ‘Bad Performance’ (खराब प्रदर्शन) लिखा जाना था. इतना ही नहीं एक ही दस्तावेज में यह गलती 14 बार दोहराई गई थी. इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है. कार्यालय के द्वारा ज्ञापांक 3758 के एक शुद्धि पत्र जारी कर दिया गया. जैसे ही मामला सामने आया तो विभाग ने अपनी गलती को तुरंत सुधार करते हुए एक सुधार पत्र जारी किया. जहां विद्यालय के नाम की जगह शिक्षकों का नाम लिखा गया है.





