अपराध नियंत्रण को लेकर समस्तीपुर SP सख्त, थानाध्यक्षों को लगाई फटकार

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में बढ़ते अपराध और लंबित मामलों को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मासिक क्राइम मीटिंग में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कई थाना क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए संबंधित थानाध्यक्षों को फटकार लगाई गई तथा कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी गई। बैठक में पिछले एक माह के दौरान हुई कानूनी कार्रवाई, लंबित मामलों के निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी और जिले की विधि-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को नियमित एवं प्रभावी रात्रि गश्ती सुनिश्चित करने, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।
एसपी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी थाने में कोई मामला अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। पुराने मामलों में फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्य निर्वहन करते हुए आम लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी :
घंटों चली समीक्षा बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। एसपी ने संवेदनशील इलाकों में अपराधियों पर पैनी नजर रखने, सघन वाहन जांच अभियान चलाने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही लंबित कांडों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के साथ-साथ अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस पदाधिकारियों से कहा गया कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाए।

चोरी की घटनाओं पर विशेष अभियान
शहरी क्षेत्रों में लगातार बंद घरों में बढ़ रही चोरी की घटना, बाइक चोरी और अन्य चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित जांच, संदिग्धों की निगरानी और गश्ती व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इसके अलावा थानों में आने वाले पीड़ितों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। इसके अलावा साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। सभी एससीडीपीओ को निर्देश दिए गए कि महिला व बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सोशल मीडिया पर 24 घंटे पैनी नजर :
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की 24 घंटे मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा, जिले में बढ़ते भूमि विवादों के मामलों को सुलझाने के लिए थाना स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने और साइबर अपराध के मामलों में बिना देरी के एफआईआर दर्ज करने पर जोर दिया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाने और अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।


