श्रीलंका के 1996 विश्व कप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने आरोप लगाया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह श्रीलंकाई क्रिकेट की समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। श्रीलंकाई अखबार डेली मिरर के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट एक इंटरव्यू में अर्जुन रणतुंगा ने आरोप लगाया कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के पदाधिकारियों के साथ घनिष्ठ संबंधों ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी, जिसने बीसीसीआई के आगे समर्पण कर दिया।
अपने पिता के कारण शक्तिशाली हैं जय शाह: अर्जुन रणतुंगा
डेली मिरर ने अर्जुन रणतुंगा के हवाले से लिखा, ‘जय शाह श्रीलंका क्रिकेट चला रहे हैं। जय शाह के दबाव के कारण श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) बर्बाद हो रहा है। भारत में एक व्यक्ति श्रीलंकाई क्रिकेट को बर्बाद कर रहा है। वह केवल अपने पिता के कारण शक्तिशाली हैं, जो भारत के गृहमंत्री हैं।’
अर्जुन रणतुंगा ने दावा किया, ‘एसएलसी पदाधिकारियों और जय शाह के बीच संबंधों के कारण वे (बीसीसीआई) इस मुगालते में हैं कि वे एसएलसी को कुचल सकते हैं और अपने नियंत्रण में ले सकते हैं।’ बता दें कि पिछले एक हफ्ते में श्रीलंकाई क्रिकेट में मैदान के अंदर और बाहर काफी कुछ हुआ। श्रीलंका विश्व कप 2023 की अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहा।
इसका मतलब यह है कि वह 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया। श्रीलंका के खेल मंत्री रोशन रणसिंघे ने एसएलसी बोर्ड को बर्खास्त कर दिया और अर्जुन रणतुंगा की अध्यक्षता में एक अंतरिम समिति का गठन किया।
ICC ने 10 नवंबर को श्रीलंका क्रिकेट को निलंबित किया था
हालांकि श्रीलंका की अदालत ने बोर्ड को भंग करने वाले राजपत्र पर 14 दिन का स्थगन आदेश जारी करके एक दिन बाद ही एसएलसी को बहाल कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने श्रीलंका क्रिकेट के संचालन में राजनीतिक हस्तक्षेप का हवाला देते हुए शुक्रवार 10 नवंबर को एसएलसी को निलंबित कर दिया।
पद से हटाए जा सकते हैं श्रीलंका के खेल मंत्री
अब अटकलें हैं कि श्रीलंका के खेल मंत्री रोशन रणसिंघे इस्तीफा दे देंगे या हटा दिए जाएंगे। रोशन रणसिंघे ने पहले कहा था कि राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। डेली मिरर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मंत्री पहले ही संसद में अपने कार्यालय में विपक्ष के नेता साजित प्रेमदासा के साथ चर्चा कर चुके हैं।
रोशन रणसिंघे ने पहले भी दावा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रपति सचिवालय में एक गिलास पानी भी नहीं पिएंगे, क्योंकि उसमें जहर हो सकता है। रोशन रणसिंघे ने तथाकथित भ्रष्ट एसएलसी पदाधिकारियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघ के सलाहकार सागला रत्नायके की भी आलोचना की थी।
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