सुरक्षित शनिवार के लिए मास्टर ट्रेनरों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू; भूकंप, आग और बाढ़ से बचाव के सिखाए जाएंगे तरीके

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले में मास्टर प्रशिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार से शुरू हुआ। पुरानी पोस्ट ऑफिस रोड स्थित केंद्र में 24 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिहार शिक्षा परियोजना और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ बच्चों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डीडीसी (DDC) सूर्य प्रताप सिंह, शिक्षा विभाग के डीपीओ स्थापना जमालुद्दीन, डीपीओ एसएसए शुभम कसौधन सहित यूनिसेफ और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। पहले दिन जिले के 10 प्रखंडों के शिक्षकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रत्येक प्रखंड से छह-छह शिक्षकों को नोडल शिक्षक और मास्टर ट्रेनर के रूप में नामित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को संचालित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

उद्घाटन सत्र में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों को आपदा से बचाव के व्यावहारिक उपाय सिखाना जरूरी है। इसे विद्यालय की नियमित गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में बच्चे सतर्कता और समझदारी से काम ले सकें। वहीं, डीपीओ एसएसए शुभम कसौधन ने विद्यालयों में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने और बच्चों को जागरूक बनाने पर जोर दिया।

स्कूलों में बनेगी आपदा प्रबंधन योजना :
प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर विद्यालयों में फोकल शिक्षकों और बाल प्रेरकों का चयन करेंगे। इसके बाद विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। शिक्षक और बच्चे मिलकर ‘हैजार्ड हंट’ गतिविधि के माध्यम से स्कूल परिसर में मौजूद संभावित जोखिमों की पहचान करेंगे। इसके आधार पर विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। कार्यक्रम के तहत बच्चों को भूकंप, आग, बाढ़ सहित अन्य प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से बचाव के तरीके बताए जाएंगे।

प्रत्येक शनिवार को निर्धारित सुरक्षा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों से संबंधित जानकारी और आंकड़े नियमित रूप से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि कार्यक्रम की निगरानी की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. पल्लव कुमार, मंगलेश कुमार, संदीप कुमार और नवनीत कुमार विमल सहित अन्य मुख्य प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को विद्यालय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।


