शनिवार, अक्टूबर 24, 2026

समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWSWeather

समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में बदलने लगा मौसम का मिजाज, 28 अक्टूबर के बाद हल्की से मध्यम बारिश की संभावना; अलर्ट जारी

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

समस्तीपुर : समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र और भारत मौसम विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मौसम का नया पूर्वानुमान जारी किया गया है. इसके अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन महीने के अंत में यानी 28 अक्टूबर के बाद बारिश की संभावना जताई जा रही है. मौसम में बदलाव से तापमान में भी गिरावट आएगी और लोगों को हल्की ठंड का अहसास होगा.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए कम दबाव के क्षेत्र के बनने से 28 अक्टूबर के बाद उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बन रही है. हालांकि, पूर्वानुमान अवधि के दौरान शुरुआत में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और आसमान साफ रहने का अनुमान है. समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों में 27 और 28 अक्टूबर के दौरान हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं, जिसके बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है.

file 0000000024b48211aa752e89fc9a15de

आने वाले दिनों में उत्तर बिहार का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया गया है. वहीं न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है. न्यूनतम तापमान में आ रही इस गिरावट के कारण लोगों को सुबह और देर रात हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है. आने वाले दिनों में बारिश के बाद ठंड का असर और अधिक बढ़ने की उम्मीद है.

IMG 20240904 WA0139

सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 70 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक रहने की संभावना है, जिसके कारण सुबह-सुबह हल्की धुंध या ओस का अहसास हो सकता है. दोपहर के समय आर्द्रता घटकर 33 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच रह सकती है. इस दौरान हवा मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिशा से 4 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा की मध्यम गति से चलने का अनुमान है.

28 अक्टूबर के बाद बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. किसानों से कहा गया है कि यदि वे खरीफ फसलों की कटाई या मड़ाई (दौनी) कर रहे हैं, तो मौसम को ध्यान में रखते हुए पकी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें. कटे हुए अनाज का समय पर भंडारण करने से बारिश के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है.

FB ADD scaled

IMG 20260516 WA0116

20201015 075150