रंगदारी नहीं देने पर सिर पर तलवार से किया वार, रोसड़ा कोर्ट ने पिता-पुत्र को सुनाई 8 साल की सजा

समस्तीपुर/रोसड़ा : रोसड़ा व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार मिश्रा की अदालत ने रंगदारी मांगने और जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी पिता-पुत्र को बुधवार को सजा सुनायी. सिंघिया थाना कांड संख्या 98/2021 से जुड़े सत्र वाद संख्या 320/2021 में डुमरा गांव निवासी रमेश साहू (55) और उसके पुत्र राहुल कुमार उर्फ राहुल साहू (30) को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनायी गयी. अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया.
अदालत ने भादवि की धारा 341 के तहत एक माह का साधारण कारावास, धारा 147 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 307 के तहत आठ वर्ष का सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड नहीं देने पर नौ माह का साधारण कारावास भुगतना होगा. वहीं, धारा 323 के तहत छह माह का साधारण कारावास और धारा 324 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी. अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

प्राथमिकी के अनुसार, 27 जून 2021 की सुबह करीब नौ बजे डुमरा गांव निवासी जयशंकर प्रसाद साहू अपने आम का सूखा पेड़ कटवा रहे थे. इसी दौरान रमेश साहू और राहुल साहू वहां पहुंचे और कथित तौर पर 10 हजार रुपये रंगदारी की मांग की. रंगदारी देने से इनकार करने पर दोनों वहां से चले गये. करीब 20 मिनट बाद दोनों पांच अज्ञात लोगों के साथ दोबारा वहां पहुंचे. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि रमेश साहू के हाथ में हथियार और फरसा तथा राहुल साहू के हाथ में तलवार थी. रंगदारी देने को लेकर विवाद के दौरान रमेश साहू ने हथियार सिर पर सटाकर जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद राहुल साहू ने तलवार से जयशंकर प्रसाद साहू के सिर पर वार कर दिया.

गंभीर चोट के बाद डीएमसीएच किया गया था रेफर
हमले में जयशंकर प्रसाद साहू के सिर में गंभीर चोट लगी. दूसरा वार रोकने के दौरान उनके हाथ में भी चोट आयी. शोर सुनकर राधारमण साहू, विष्णुदेव साहू, गणेश साहू, विकास कुमार और संतोष कुमार साहू समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आरोपितों ने ग्रामीणों के साथ भी मारपीट की. इस दौरान संतोष कुमार साहू का मोबाइल और राधारमण साहू का नोकिया मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया गया. ग्रामीणों के विरोध के बाद आरोपितों के मौके से भागने की बात प्राथमिकी में कही गयी है.
सभी घायलों का उपचार सिंघिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था. गंभीर रूप से घायल जयशंकर प्रसाद साहू को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच, दरभंगा रेफर किया गया था. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राम कुमार उपस्थित थे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक वर्णवाल ने पक्ष रखा. सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए बुधवार को सजा सुनायी.



