समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

समस्तीपुर शहर में फर्जी UPI पेमेंट के नाम पर ठगी बढ़ी, आधा दर्जन से अधिक मामले आए सामने

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

समस्तीपुर : ऑनलाइन भुगतान के बढ़ते चलन के बीच शहर में फर्जी यूपीआई पेमेंट के नाम पर दुकानदारों से ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 10 से 12 दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में फर्जी यूपीआई भुगतान से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ठग दुकानों पर ग्राहक बनकर पहुंचते हैं और सामान खरीदने के बाद दुकानदार को मोबाइल पर पेमेंट सक्सेसफुल का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान लेकर फरार हो जाते हैं। बाद में दुकानदार जब अपना बैंक खाता या यूपीआई ऐप चेक करता है तो भुगतान की राशि खाते में नहीं मिली होती है।

फर्जी यूपीआई भुगतान करने वाले गिरोह के सदस्य खासकर ऐसी दुकानों को निशाना बना रहे हैं, जहां ग्राहकों की भीड़ रहती है और दुकानदारों के पास प्रत्येक भुगतान की तत्काल जांच करने का समय नहीं होता। ठग सामान की कीमत तय करने के बाद मोबाइल से भुगतान करने का नाटक करते हैं। फर्जी एप से क्यूआर कोड स्कैन कर उसमें रकम डालकर पेमेंट सक्सेसफुल का फोटो सेकेंडो में तैयार कर लेते हैं। कुछ ही देर बाद भुगतान सफल होने का स्क्रीनशॉट दुकानदार को दिखा देते हैं। स्क्रीनशॉट में रकम और पेमेंट सक्सेसफुल देखकर दुकानदार कई बार भरोसा कर सामान दे देता है।

file 0000000024b48211aa752e89fc9a15de

कई दुकानदार हो चुके हैं फर्जी यूपीआई ठगी के शिकार :

हाल के दिनों में शहर के कई दुकानदार इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। मुलचंद रोड स्थित दवा दुकान के होलसेल विक्रेता शिवम तनेजा, धरमपुर चौक स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के राहुल श्रीवास्तव, चांदनी चौक स्थित किराना दुकान के देवानंद यादव, ताजपुर रोड स्थित मेडिकल स्टोर के प्रियरंजन, बहादुरपुर स्थित एक ब्रांडेड पानी एजेंसी के अमन गुप्ता, गुदरी बाजार स्थित जर्दा मंडी के आनंद कुमार, स्टेशन चौक स्थित जेनरल स्टोर के राहुल कुमार समेत अन्य दुकानदार फर्जी यूपीआई भुगतान के शिकार हो चुके हैं। इन घटनाओं में ठगों ने अलग-अलग दुकानों पर सामान खरीदने के बाद यूपीआई भुगतान करने का दावा किया और दुकानदारों को भुगतान सफल होने का स्क्रीनशॉट दिखाया। बाद में जब दुकानदारों ने अपने खाते की जांच की तो संबंधित राशि जमा नहीं मिली। इसके बाद दुकानदारों को ठगी का पता चला। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से शहर के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। दवा के होलसेल विक्रेता शिवम तनेजा का कहना है कि भीड़भाड़ के दौरान ग्राहक द्वारा दिखाए गए स्क्रीनशॉट पर भरोसा करना भारी पड़ रहा है।

IMG 20240904 WA0139

स्क्रीनशॉट देखकर भुगतान मान लेना पड़ रहा भारी :

दुकानदारों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट देखने में वास्तविक यूपीआई भुगतान जैसा ही दिखाई देता है। यही वजह है कि कई दुकानदार इसकी सत्यता की तत्काल जांच नहीं कर पाते। ठग भी इसी का फायदा उठा रहे हैं। प्रियरंजन कुमार का कहना है कि पहले नगद भुगतान के बाद अब डिजिटल पेमेंट का चलन काफी बढ़ गया है। अधिकांश दुकानों पर यूपीआई के माध्यम से भुगतान लिया जाता है। ऐसे में ठगों ने भी ठगी का तरीका बदल लिया है। अब वे नगदी लेकर भागने के बजाय फर्जी डिजिटल भुगतान दिखाकर सामान हासिल कर रहे हैं।

FB ADD scaled

खाते में रकम आने के बाद ही दें सामान :

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद दुकानदारों को सावधानी बरतने की जरूरत है। साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक के अनुसार किसी भी ग्राहक द्वारा दिखाए गए पेमेंट स्क्रीनशॉट को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। दुकानदार को अपने बैंक खाते, यूपीआई ऐप या बैंक से प्राप्त वास्तविक भुगतान सूचना से रकम की पुष्टि करने के बाद ही सामान देना चाहिए। इधर व्यापारियों का कहना है कि जल्दबाजी में केवल स्क्रीनशॉट देखकर सामान देने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासकर छोटी दुकानों के लिए ऐसी ठगी सीधे उनके कारोबार को प्रभावित कर रही है।

IMG 20260516 WA0116

बयान :

फर्जी यूपीआई भुगतान के मामलों से बचने के लिए दुकानदार किसी भी ग्राहक के मोबाइल में दिखाए गए पेमेंट स्क्रीनशॉट पर भरोसा नहीं करें। भुगतान की राशि अपने बैंक खाते या यूपीआई ऐप में स्वयं जांचने के बाद ही ग्राहक को सामान दें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस तरह की ठगी से बचा जा सकता है।

दुर्गेश दीपक, साइबर डीएसपी, समस्तीपुर

20201015 075150