बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कब होगी शुरू? जानिए अचानक क्यों रुकी तबादले की प्रक्रिया

बिहार के शिक्षकों से जुड़ी जरुरी खबर है. खासकर उन शिक्षकों के लिए जो ट्रांसफर-पोस्टिंग के इंतजार में हैं. राज्य के 3.30 लाख शिक्षकों का उनकी पसंद के जिले में ट्रांसफर होने वाला था. लेकिन अब उनका इंतजार लंबा हो गया है. 4 अक्टूबर से ही यह प्रक्रिया शुरू होने वाली थी लेकिन इसे अचानक बीच में ही रोकना पड़ गया.
इस वजह से रोकी गई तबादले की प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि बिहार में 8 सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव को देखते हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ गया. इस चुनाव में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक ही सीधे तौर पर वोटर्स होते हैं. चुनाव की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू कर दिया गया. संभावना जताई जा रही थी कि अगर राज्य में लाखों शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ तो वोटर्स प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में ऐच्छिक ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया रोक दी गई.

कब तक फिर खुल सकता है पोर्टल :
अब संभावना जताई जा रही है कि शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा. बिहार विधान परिषद चुनाव की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक चलेगी. इस दौरान त्योहार का सिलसिला भी चलता रहेगा. दशहरा के बाद, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज और बिहार के सबसे बड़े पर्व छठ महापर्व की छुट्टियां रहेंगी. ऐसे में अब छठ के बाद ही ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर शिक्षकों के लिए पोर्टल खोले जायेंगे.
पहले 17 सितंबर की तारीख की गई थी तय :
शिक्षा विभाग की ओर से सबसे पहले शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की गई थी. लेकिन राज्यभर में बाढ़ की वजह से तबादले की प्रक्रिया रोक दी गई. उस वक्त अक्टूबर महीने में आवेदन लिए जाने की बात कही गई थी. लेकिन चुनाव की घोषणा होने की वजह से एक बार फिर ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई. ऐसे में अब दिसंबर महीने तक संभावना जताई जा रही है कि तबादले की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.




