समस्तीपुर स्टेशन पर कृत्रिम भीड़ बनाकर यात्रियों के गले से चेन चोरी करने वाले पश्चिम बंगाल के गिरोह सक्रिय, कोच के गेट पर भीड़ बनाकर घटना को देते हैं अंजाम

समस्तीपुर : ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने का समय सबसे अधिक सतर्क रहने वाला हो गया है। समस्तीपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन के रुकने और खुलने के दौरान कृत्रिम भीड़ बनाकर यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करने और महिलाओं के गले से चेन झपटने की घटनाएं बढ़ गयी हैं। खासकर ट्रेन के गेट पर भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह रेल पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। गिरोह के सदस्य पहले ट्रेन के गेट के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा करते हैं। इससे यात्रियों को कोच में चढ़ने में परेशानी होती है और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है। इसी दौरान गिरोह का दूसरा सदस्य भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के गले से चेन, जेब से मोबाइल या सामान लेकर भाग निकलता है। कई बार पीड़ित को वारदात का पता सीट पर पहुंचने के बाद चलता है।
फर्स्ट व सेकेंड क्लास कोच के गेट पर भी बना देते हैं भीड़ :
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस तरह की घटनाओं में बदमाश केवल सामान्य या स्लीपर कोच को ही निशाना नहीं बनाते। एसी फर्स्ट और सेकेंट क्लास कोच के गेट पर भी संदिग्ध युवकों की भीड़ जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में 27 सितंबर को भी 15565 वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड क्लास कोच के बाहर भी कुछ ऐसी ही घटना घटित हुई।जानकारी के अनुसार, ट्रेन खुलने से ठीक पहले गेट पर सात-आठ युवक एक साथ खड़े होकर रास्ता रोक लेते हैं। परिवार के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को सामान और बच्चों के साथ कोच में प्रवेश करने में परेशानी होती है। इसी अफरा-तफरी में वारदात को अंजाम दिया जाता है।

जानकी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में सामने आया यह पैटर्न :
समस्तीपुर मंडल में चलने वाली ट्रेनों में चोरी और झपटमारी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। जानकी एक्सप्रेस में चेन, पर्स और मोबाइल चोरी की घटनाओं के बाद रेल पुलिस को ट्रेन के गेट और प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी करनी पड़ी थी। पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आने की बात भी सामने आयी थी।समस्तीपुर – दरभंगा रेलखंड पर ट्रेन के रुकने और खुलने के दौरान मोबाइल झपटमारी की घटनाएं भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। दरभंगा से समस्तीपुर तक हर रोज यात्रा करने वाले दैनिक यात्री सुमित कुमार के अनुसार, कुछ युवक किशनपुर स्टेशन पर ट्रैक या प्लेटफॉर्म के आसपास पहले से मौजूद रहते हैं और ट्रेन के खुलने के दौरान खिड़की या गेट के पास से मोबाइल झपटकर भाग जाते हैं।

पश्चिम बंगाल का गिरोह दे रहा घटना को अंजाम :
जीआरपी थानाध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि पुलिस की जांच में ट्रेनों में कृत्रिम भीड़ बनाकर मोबाईल व चेन स्नैचिंग करने वाले पश्चिम बंगाल के गिरोह की संलिप्तता सामनें आई हैं। हाल में रेल पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना क्षेत्र से गिरोह के एक सदस्य राजू लश्कर को चेन स्नैचिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में ट्रेन के गेट पर कृत्रिम भीड़ बनाकर वारदात करने के तरीके की जानकारी उसने ही पुलिस को दी थी। उसने बताया था की पश्चिम बंगाल के दर्जनों युवकों व महिलाओं का एक ग्रुप है जो स्टेशनों पर इस तरह के घटना को अंजाम देता है। मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह में शामिल सदस्य अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। कुछ लोग गेट पर भीड़ बनाकर यात्रियों को अंदर जाने से रोकते हैं, जबकि दूसरा सदस्य इसी दौरान महिला यात्री के गले से चेन या किसी यात्री की जेब से मोबाइल निकालकर भीड़ में गायब हो जाता है।

ट्रेन खुलने के समय कमजोर पड़ता है सुरक्षा घेरा :
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों की मौजूदगी दिखाई देती है, लेकिन ट्रेन खुलने के समय गेट पर निगरानी उतनी प्रभावी नहीं रहती। यही समय बदमाशों के लिए सबसे मुफीद साबित होता है। यात्रियों और उनके परिजनों की भीड़, सामान को कोच में पहुंचाने की जल्दबाजी और ट्रेन छूटने की चिंता के बीच संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में केवल घटना के बाद जांच करने के बजाय ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने से लेकर रवाना होने तक कोच के गेट पर विशेष निगरानी की जरूरत है। संदिग्ध रूप से भीड़ लगाने वाले युवकों से पूछताछ और शिकायत मिलते ही प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी होने से ऐसे गिरोहों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

सीसीटीवी और टावर डंप से संदिग्धों की तलाश :
इधर मामले को लेकर जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि रेल पुलिस की ओर से ऐसी घटनाओं के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और टावर डंप के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जाती है। कई जगहों पर कोच के गेट के ठीक सामने सीसीटीवी कैमरा नहीं होने से जांच में परेशानी भी सामने आती है। ऐसे में महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरों की संख्या बढ़ाने और ट्रेन के गेट को सीधे कवर करने वाली निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। जीआरपी थानाध्यक्ष बीरबल कुमार का कहना है कि ट्रेनों में चोरी और झपटमारी करने वाले गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। पश्चिम बंगाल के गिरोह से जुड़े बदमाशों की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी चल रही है।

बयान :
ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले गिरोह पर पुलिस की लगातार नजर है। ट्रेन के गेट पर कृत्रिम भीड़ बनाकर चेन, मोबाइल व अन्य सामान झपटने की घटनाओं को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ के साथ समन्वय कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाल ही में इस गिरोह से जुड़े राजू लश्कर को गिरफ्तार भी किया गया है।
बीरबल कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष, समस्तीपुर

