समस्तीपुर : करंट की चपेट में आने से 8 महीने के गर्भवती महिला की मौ’त, एक साथ मां और गर्भस्थ शिशु की सांसे थमी

समस्तीपुर/शिवाजीनगर : शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत डुमरा मोहन पंचायत के शिवरामा मुसहरी टोल वार्ड 2 में शुक्रवार की सुबह करीब 8:30 बजे बिजली करंट की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान शिवरामा मुसहरी टोल वार्ड 2 निवासी शैलेंद्र सदा की पत्नी छोटकी देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटकी देवी करीब आठ माह की गर्भवती थी। हादसे में उसके गर्भस्थ शिशु की भी जान नहीं बच सकी। एक साथ मां और गर्भस्थ शिशु की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह छोटकी देवी अपने घर में झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान घर में बिजली का तार गिरा हुआ था, जिसकी चपेट में वह आ गई। परिजनों के अनुसार महिला के दाहिने हाथ में करंट लगा और वह वहीं गिर पड़ी। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार को संभालने का प्रयास किया। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।


मृतका छोटकी देवी के छह छोटे छोटे बच्चे हैं। इनमें पांच पुत्रियां सरस्वती कुमारी, सुरुचि कुमारी, दुर्गा कुमारी, प्रियांशु कुमारी और अनु कुमारी तथा एक पुत्र आशिक कुमार शामिल हैं। बताया गया कि सबसे छोटा पुत्र आशिक कुमार करीब चार वर्ष का है। मां की मौत से बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के बाद बच्चे अपनी मां को देखकर रोते रहे। बच्चों की मासूम चीख पुकार से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था।

परिजनों ने बताया कि छोटकी देवी का परिवार बेहद गरीब है। उसके पति शैलेंद्र सदा गांव में ही मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। मजदूरी से होने वाली आमदनी से ही घर का खर्च और बच्चों की जरूरतें पूरी होती थीं। ऐसे में परिवार की एकमात्र गृहिणी और बच्चों की मां का इस तरह अचानक चले जाना परिवार के लिए बड़ा संकट बन गया है। छह छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है, वहीं आठ माह की गर्भावस्था में महिला की मौत होने से परिवार पर दोहरा दुख टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही शिवाजीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और मजदूर परिवारों के बीच बिजली सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मृतका के आश्रित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि छोटकी देवी के निधन से परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पति शैलेंद्र सदा मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाते हैं। अब छह छोटे बच्चों की देखभाल और पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी अकेले उनके ऊपर आ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए सरकारी प्रावधान के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य प्रभावित नहीं हो।

एक ओर छह मासूम बच्चों का मां से हमेशा के लिए बिछड़ना और दूसरी ओर गर्भस्थ शिशु को खो देना पूरे परिवार के लिए असहनीय पीड़ा बन गया है। हादसे के बाद शिवरामा मुसहरी टोल में देर तक शोक का माहौल बना रहा। ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाते रहे, जबकि पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। अपर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि बिजली का करंट लगने से महिला की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारी को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।


