निशांत दिल्ली में जेपी नड्डा से मिले, बिहार में ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बढ़ाने पर बात

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रीय राजधानी में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में चल रहे कामों पर विस्तार से चर्चा हुई। निशांत ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के विस्तार के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री से बात हुई है। जेपी नड्डा से मिलने के बाद निशांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनसे विस्तार से चर्चा हुई।
बिहार के लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। निशांत ने कहा कि स्वस्थ बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हेल्थ सर्विस की गुणवत्ता में निरंतर सुधार का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनकी यह शिष्टाचार भेंट रही। बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो योजनाएं चल रही हैं, उनके बारे में केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया।


सम्राट सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं नीतीश के बेटे
45 वर्षीय निशांत, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं। पिता के सीएम रहते निशांत सक्रिय राजनीति से दूर रहे थे। इसी साल मार्च महीने में जब नीतीश ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर केंद्रीय राजनीति में जाने का फैसला लिया था, उसी के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं की मांग पर निशांत ने राजनीति में कदम रखा। नीतीश के बाद जब सम्राट चौधरी ने बिहार की एनडीए सरकार की कमान संभाली तो मई 2026 में हुए कैबिनेट विस्तार में निशांत कुमार को भी सरकार में शामिल किया गया। निशांत बिहार सरकार में अहम माने जाने वाले स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे हैं।

हर जिले में गंभीर बीमारियों का इलाज देने की तैयारी
निशांत कुमार के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद जिला अस्पतालों को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है. हाल में उन्होंने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की बात कही थी.
बेवजह रेफर किए जाने पर भी फोकस
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में मरीजों को अनावश्यक रूप से हायर सेंटर रेफर किए जाने की व्यवस्था पर भी सख्ती दिखाई है. जुलाई में उन्होंने सरकारी अस्पतालों में लंबित सर्जरी के मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया था. जरूरत पड़ने पर लंबित मामलों को IGIMS, AIIMS पटना और दूसरे बड़े संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया था.

डॉक्टरों की जवाबदेही पर भी जोर
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के साथ अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी सरकार के एजेंडे में है. निशांत कुमार के औचक निरीक्षणों के बाद कई मामलों में कार्रवाई और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है. जुलाई में एक सरकारी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीजों की देखभाल और निजी क्लीनिक में रेफर किए जाने की शिकायतों को लेकर डॉक्टरों से जवाब मांगा गया था.



