बिहार: पिता की अंतिम विदाई का अनोखा अंदाज, शवयात्रा में बज रहे थे ढोल-नगाड़े, नाच रहे थे डांसर

बिहार के बेतिया के नौतन प्रखंड के डबरिया मकरीटोला गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. यहां 108 वर्षीय बुजुर्ग छठु पटेल की अंतिम यात्रा सामान्य शवयात्रा से बिल्कुल अलग नजर आई. अंतिम विदाई के दौरान ढोल-नगाड़े बजाए गए, गाजे-बाजे के साथ आर्केस्ट्रा कलाकार डांस करते हुए शवयात्रा के पीछे-पीछे चले.
गाजे-बाजे के साथ निकली शवयात्रा:
आमतौर पर किसी की मौत के बाद अंतिम यात्रा गम और मातम के माहौल में निकाली जाती है, लेकिन इस बार नजारा पूरी तरह अलग था. शवयात्रा में सबसे आगे छठु पटेल का पार्थिव शरीर था, जबकि पीछे संगीत और नृत्य की धूम मची हुई थी. रास्ते में जमा लोगों ने इस अनोखे दृश्य का वीडियो बनाया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है.


क्या कहते हैं मृतक के पुत्र:
परिवार के अनुसार यह सब मृतक की इच्छा के अनुरूप किया गया. मृतक के पुत्र मुकेश पटेल ने बताया कि उनके पिता की उम्र 108 वर्ष थी और उनकी स्पष्ट इच्छा थी कि निधन के बाद अंतिम विदाई मातम के माहौल में न होकर उत्सव की तरह हो. पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने गाजे-बाजे और आर्केस्ट्रा के साथ शवयात्रा निकालने का फैसला किया.

पिता की क्या थी अंतिम इच्छा:
मुकेश पटेल ने कहा कि पिता हमेशा खुशमिजाज स्वभाव के थे और उन्होंने खुद कहा था कि उनकी विदाई में गम नहीं, बल्कि खुशी का माहौल होना चाहिए. परिवार ने इस इच्छा का सम्मान करते हुए पूरी व्यवस्था की. गांववालों और आसपास के लोगों ने भी इस अनोखे अंदाज को देखा और कई लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया.

ग्रामीणों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं:
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान आर्केस्ट्रा और डांस कराने को लेकर इलाके में मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे पारंपरिक रीति-रिवाजों से अलग मान रहे हैं, जबकि परिवार इसे बुजुर्ग की अंतिम इच्छा का सम्मान बताते हुए सही ठहरा रहा है. स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी हैं.


