भरत तिवारी के परिवार ने सरकारी नौकरी और मुआवजे को ठुकराया, कहा- पहले दोषी को सजा दिलाएं

भरत तिवारी के परिवार ने सीएम सम्राट चौधरी के ऐलान पर बड़ी बात कही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने घोषणा अच्छी की है। लेकिन इसी के साथ भरत तिवारी के परिवार ने सरकारी नौकरी और मुआवजे को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा है कि हमें इस नौकरी और मुआवजे से पहले सजा चाहिए।
पहले सजा दिलाएं सम्राट: भरत तिवारी की मां
शाहपुर के बिलौटी में भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में मुआवजे के ऐलान पर उनकी मां आशा देवी ने कहा कि ‘सम्राट चौधरी ने घोषणा की है, वो अच्छी है, लेकिन अभी हमें स्वीकार नहीं है। अभी हम घर के सब लोग इस पर बात-विचार करेंगे।’ कुल मिलाकर उनके परिवार ने एक तरह से सीएम सम्राट और बिहार सरकार की तरफ से सरकारी नौकरी और मुआवजे को अस्वीकार कर दिया है। अब सवाल ये कि परिवार ने ऐसा क्यों किया।


पहले फांसी, फिर मुआवजा: आशा देवी
बात करने पर भरत तिवारी की मां आशा तिवारी ने कहा कि ‘पहले हमलोगों को उन लोगों के लिए सजा चाहिए, जिन्होंने मेरे बेटे भरत तिवारी की हत्या की। जिन्होंने ऐसा किया उन्हें फांसी होनी चाहिए, जिनका इसमें हाथ है उनको भी फांसी की सजा होनी चाहिए, तभी हम मुआवजा और सरकारी नौकरी स्वीकार करेंगे। उससे कम हमें कुछ मंजूर नहीं है।’

भरत को शहीद का दर्जा दे सरकार: भाई
भरत तिवारी के बड़े भाई भूषण तिवारी ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री खुद बोल रहे हैं कि जो इसमें शामिल है, वो बचेगा नहीं। मेरे भाई भरत तिवारी को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।’ वहीं भरत तिवारी के ममेरे भाई अंशु कुमार चौबे ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री के फैसले से हम खुश हैं। उनसे उम्मीद भी है। लेकिन भरत तिवारी के मामले में सच्ची श्रद्धांजलि तभी समझ में आएगी और सामने दिखेगी, जब उन अधिकारियों को फांसी की सजा होगी। भरोसा जगा है। न्याय हमें मिलेगा और जरूर मिलेगा। हमारी बड़ी उम्मीद यही है कि पहले न्याय’।

भरत तिवारी के परिवार ने सरकारी मुआवजा और नौकरी ठुकराई
आपको बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी देगी। लेकिन अब परिवार ने इस मुआवजे और नौकरी को ठुकराकर साफ कर दिया है कि पहले उन्हें दोषियों के लिए सजा चाहिए। तभी वो सरकार के मुआवजे और नौकरी को स्वीकार करेंगे।


