Bihar

कौन हैं मीनाक्षी मदन राय? बनेंगी पटना HC की पहली महिला चीफ जस्टिस, SC कॉलेजियम ने की सिफारिश

पटना हाईकोर्ट को नया चीफ जस्टिस मिलने वाला है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाई कोर्ट की जज जस्टिस मीनाक्षी एम. राय को इस पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश मौजूदा चीफ जस्टिस के 4 जून को रिटायर होने के कारण की गई है। कॉलेजियम ने बताया कि भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में 22 मई को बैठक हुई थी। इस बैठक की जानकारी एक आधिकारिक बयान के जरिए दी गई है।

कौन हैं जस्टिस मीनाक्षी मदन राय?

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय सिक्किम के न्यायिक इतिहास की महिला जज हैं। उनके पास एक लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वह सिक्किम से हाईकोर्ट की जज बनने वाली पहली महिला हैं। दिल्ली में कानून की पढ़ाई करने से लेकर सिक्किम की सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश और अब पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद तक का उनका सफर देश की युवा महिला वकीलों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को गंगटोक में हुआ था। वह सिक्किम सरकार के पूर्व गृह सचिव स्वर्गीय मदन मोहन रसैली और पूर्व शिक्षिका रबी माला रसैली की बेटी हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई गंगटोक के ताथांगचेन स्कूल और पश्चिम बंगाल के कुर्सियांग स्थित डॉवहिल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने गंगटोक के ताशी नामग्याल अकादमी से 1983 में अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

दिल्ली के एलएसआर से की पढ़ाई

उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) की डिग्री ली, जिसके लिए उन्हें सिक्किम सरकार की ओर से मेरिट स्कॉलरशिप भी मिली थी। इसके बाद उन्होंने 1989 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर (CLC) से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की।

कब शुरू की वकालत?

उन्होंने साल 1990 में बार एसोसिएशन ऑफ दिल्ली में एक वकील के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। शुरुआत में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक एडवोकैट-ऑन-रिकॉर्ड के तहत अभ्यास किया। साल 1990 में ही वह सिक्किम न्यायिक सेवा में शामिल हो गईं। उन्होंने गंगटोक में जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-कम-सिविल जज के रूप में अपने न्यायिक करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे विभिन्न पदों पर पदोन्नत होती गईं।

अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं भी निभाईं। वह साल 2006 और 2009 में दो बार सिक्किम हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल भी रहीं। 15 अप्रैल 2015 को जस्टिस मीनाक्षी मदन राय को सिक्किम हाईकोर्ट के जज के रूप में प्रमोट किया गया, जिससे वह इस पद पर पहुंचने वाली सिक्किम की पहली महिला बनीं।

अपनी वरिष्ठता और बेहतरीन अनुभव के कारण उन्हें संक्रमण काल के दौरान कई बार सिक्किम हाईकोर्ट का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वह 2018, 2019, 2021 और हाल ही में दिसंबर 2025 में सिक्किम हाईकोर्ट की कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त की गईं।

अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में जस्टिस राय सिक्किम के कई महत्वपूर्ण कानूनी और संवैधानिक मामलों से जुड़ी रही हैं। उनके कई फैसलों और प्रशासनिक निर्णयों पर सार्वजनिक रूप से व्यापक चर्चा और बहस हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें सिक्किम के अनूठे कानूनी ढांचे, सामाजिक ताने-बाने और अनुच्छेद 371F के तहत राज्य को मिलने वाले विशेष संवैधानिक संरक्षणों की बेहद गहरी और बारीक समझ है।

 

Avinash Roy

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