बिहार में महात्मा गांधी के परपोते का अपमान, मुखिया ने सरकार के खिलाफ बोलने पर तुषार गांधी को पंचायत भवन से निकाला

बिहार के मोतिहारी जिले में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को एक कार्यक्रम से बाहर जाना पड़ा. रविवार को तुषार गांधी जिले के तुरकौलिया में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. मुखिया विनय कुमार साह का आरोप है कि वे नीतीश सरकार के विरोध में बोल रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया. इसके बाद तुषार गांधी को कार्यक्रम छोड़ कर जाना पड़ा.
बिहार में महात्मा गांधी के परपोते का अपमान :
बता दें कि ये मामला पूर्वी चम्पारण के तुरकौलिया प्रखंड स्थित पंचायत भवन का है. यहां एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस दौरान महात्मा गांधी के प्रपौत्र के एक बयान को लेकर स्थानीय मुखिया विनय कुमार साह ने तुषार गांधी को कार्यक्रम से बाहर जाने को कह दिया. घटना के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है.

तुषार गांधी को कार्यक्रम से बाहर निकाला :
तुषार गांधी ने 13 जुलाई, रविवार को पश्चिम चंपारण जिले के भितिहरवा आश्रम से पदयात्रा शुरू की. यह यात्रा महात्मा गांधी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता का संदेश देने के उद्देश्य से शुरू की गई है. इसी यात्रा के क्रम में वे रविवार को तुरकौलिया पहुंचे.

मुखिया ने पंचायत भवन से निकाला :
तुरकौलिया में उन्होंने गांधी जी से जुड़े ऐतिहासिक नीम के पेड़ का भ्रमण किया. उसके बाद पंचायत भवन में आयोजित सभा के दौरान तुषार गांधी के एक सहयोगी ने नीतीश सरकार को लेकर टिप्पणी कर दी. इस पर मुखिया विनय साह भड़क उठे. उन्होंने गुस्से में तुषार गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें पंचायत भवन से बाहर निकलने को कह दिया.

विवाद के बाद तुषार गांधी कार्यक्रम से निकले :
हालांकि, स्थानीय लोगों ने समझाने की कोशिश की और कहा कि टिप्पणी तुषार गांधी ने नहीं, उनके सहयोगी ने की थी. लेकिन मुखिया अपनी बात पर अड़ गए. दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई. स्थिति बिगड़ता देख तुषार गांधी ने विवाद से बचने के लिए कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया और वहां से चले गए.

कौन हैं तुषार गांधी?:
अरुण मणिलाल गांधी के पुत्र और महात्मा गांधी के प्रपोता तुषार गांधी एक भारतीय लेखक और शोधकर्ता हैं. 17 जनवरी 1960 को महाराष्ट्र के शेगांव में इनका जन्म हुआ था. मार्च 2005 में इन्होंने दांडी मार्च की 75वीं वर्षगांठ के पुन: मंचन का नेतृत्व किया था. इनकी शादी 1985 में सोनल देसाई से हुई. दो बच्चों में बेटा विमान गांधी और बेटी कस्तूरी गांधी हैं. बेटी का नाम इन्होंने अपनी परदादी कस्तूरबा गांधी पर रखा था.

तुषार गांधी को 1998 में वडोदरा में महात्मा गांधी फाउंडेशन की स्थापना के लिए जाना जाता है. तुषाग गांधी इसके अध्यक्ष भी हैं. 1996 से ही लोक सेवा ट्रस्ट (एक ऐसा संगठन है जो सार्वजनिक सेवा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है) के अध्यक्ष हैं. इस ट्रस्ट की स्थापना कपड़ा मिल मजदूरों के लिए किया गया था. इन्होंने 2000 में कमल हसन द्वारा निर्देशित फिल्म ‘हे राम’ को चित्रित किया. 2019 में महाष्ट्र में जलगांव में रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बने.

बिहार में तुषार गांधी का कार्यक्रम :
तुषार गांधी बिहार के पश्चिम चंपारण के भितिहरवा से पदयात्रा शुरू की है. इसकी शुरुआत उन्होंने 13 जुलाई से की है. तुषार गांधी ने बताया कि यह यात्रा बिहार चुनाव को देखते हुए महागठबंधन के लिए किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महात्मा गांधी की विचारधारा को जन-जन पहुंचाना है.