केरल में जली लालू की लालटेन, 1 सीट पर आरजेडी की जीत; तेजस्वी के विधायक पीके प्रवीण कौन हैं?

बिहार के पूर्वी सीएम लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) ने दक्षीण भारतीय राज्य केरल में एक बार फिर पार्टी झंडा लहरा दिया है। केरलम विधानसभा चुनाव में कुथुपरम्बा विधानसभा सीट पर राजद के उम्मीदवार पीके प्रवीण ने जीत का परचम लहरा दिया है। राजद कैंडिडेट ने 70448 वोट लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की जयंती राजन को 1286 मतों से पराजित किया।2021 के चुनाव में भी राजद के केपी मोहन ने इसी सीट पर जीत हासिल किया था। पार्टी उम्मीदवार की जीत पर राजद में खुशी की लहर है।
केरल के कुथुपरम्बा विधानसभा सीट पर कुल 9 उम्मीदवार मैदान में थे। पीके प्रवीण ने 70 हजार 448 वोट प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर रहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की कैंडिडेट जंयती राजन को 69162 वोट मिले और मात्र 1286 मतों के अंतर से वह हार गईं। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सिजिलाल तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें कुल 22, 195 वोटों से संतोष करना पड़ा। अन्य सभी उम्मीदवार 25 सौ वोटों से अंदर ही सिमट गए।

पीके प्रवीण कौन हैं?
चुनावी नामांकन पत्र के साथ राजद कैंडिडेट की ओर से दाखिल शपथ पत्र के मुताबिक पीके प्रवीण एक बिजनेसमैन हैं। उनके पास कुल मिलाकर 3.27 करोड़ की संपत्ति है। इसमें 1.33 करोड़ की चल संपत्ति और 2.05 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है जिसका जिक्र उन्होंन हलफनामा में किया है। शपथ पत्र के मुताबिक उन पर 15 लाख रुपये की देनदारी है। पीके प्रवीण बेदाग छवि के नेता हैं। उनके ऊपर कोई आपराधिक केस नहीं दर्ज हैं। उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से एमए और एम.फिल की पढ़ाई की है।

दरअसल केरल में राष्ट्रीय जनता दल ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा था। कांग्रेस पार्टी यूडीएफ गठंधन के साथ मिल कर लड़ रही थी। बिहार में गठबंधन के बावजूद राजद ने केरल में लेफ्ट पार्टी का दामन थामा। तेजस्वी यादव भी चुनाव प्रचार में गए थे। अंग्रेजी में दिया गया उनका एक भाषण काफी वायरल हुआ। एनडीए के दलों ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने दूसरे राज्य में जाकर बिहार का नाम खराब किया। राजद ने केरल में तीन सीटों पर चुनाव लड़ा और उनके उम्मीदवार पीके प्रवीण ने कुथुपरम्बा सीट पर जीत दर्ज की।




