बिहार के शहरों में एलपीजी सिलेंडर का झंझट होगा खत्म, किचेन तक पहुंचेगी पीएनजी; सुविधा कब से

बिहार के सभी 38 जिलों के शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस अर्थात पीएनजी की आपूर्ति रसोईघरों में की जाएगी। 30 लाख से अधिक पीएनजी घरेलू कनेक्शन दिये जाएंगे। राज्य सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बिहार शहरी गैस वितरण नीति, 2025 को मंजूरी दे दी है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने अधिसूचना जारी कर राज्य में इस नीति को लागू कर दिया है। जल्द ही यह सुविधा बहाल कर दी जाएगी।
राज्य में इस नीति के लागू होने के बाद अब औद्योगिक, वाणिज्यिक, परिवहन और घरेलू उपयोग के लिए प्राकृतिक गैस मुहैया कराना आसान होगा। इसके लिए शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क का विस्तार होगा। राज्य में करीब 650 सीएनजी स्टेशन बनेंगे। शहरों में रसोई गैस पाइप बिछाने के कार्य में तेजी लाने को लेकर जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। इसकी नियमित निगरानी के लिए डीएम की अध्यक्षता में शहरी गैस अनुश्रवण और सहयोग समिति गठित होगी। इसमें एसपी समेत 15 सदस्य होंगे।

वहीं, विकास आयुक्त की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समन्वय समिति होगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव-प्रधान सचिव राज्य स्तर पर नोडल पदाधिकारी होंगे। इसको लेकर राज्य में बिहार शहरी गैस वितरण नीति 2025 लागू कर दी गई है। घरों में रसोई गैस की पाइप से आपूर्ति का कार्य शीघ्र पूरा करने और ऊर्जा में प्राकृतिक गैस की भागीदारी बढ़ाने को लेकर यह नीति लागू की गई है। शहरों में कंपनियों द्वारा भूमिगत पाइप बिछाने के लिए किससे अनुमति लेंगे, इस समस्या का कौन समाधान करेगा, ये सभी नीति में तय किया गया है। इसके लिए अपर जिला नोडल पदाधिकारी के पास आवेदन दिया जाएगा।

पाइप से गैस की सुविधा बहाल हो जाने के बाद लोगों के किचेन का बजट भी सुधरेगा क्योंकि गैस में बचत होगी। अभी सिलिंडर की रिफिलिंग और ट्रांसपोर्टेशन खर्च के कारण दाम अधिक पड़ता है। घरों में चौबिसो घंटे गैस की कमी नहीं होगी।




