सरकारी जमीन पर तीन पीढ़ियों से बसे लोगों को मिल सकता है मालिकाना हक, सरकार कर रही विचार
बिहार में हो रहे जमीन सर्वे में बड़ा फैसला आ सकता है। नीतीश सरकार उन लोगों को जमीन का मालिकाना हक दे सकती है, जो ज़रूरतमंद हैं और लंबे समय से सरकारी ज़मीनों पर रह रहे हैं। राजस्व विभाग इस पर विचार कर रहा है और जल्द ही घोषणा हो सकती है। हालांकि, इसके लिए कुछ नियम बनाए जाएंगे, तभी किसी को ज़मीन का हक मिलेगा। इसकी जानकारी जमीन सर्वे में अपलोड की जाएगी। अभी तक कोई अधिकारी इस बारे में खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है।
तीन पीढ़ियों से सरकारी जमीन पर रहने वालों को मिलेगा जमीन का हक?
जिन लोगों के परिवार तीन पीढ़ियों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, सरकार उनके रिकॉर्ड की जांच करेगी। सब कुछ सही पाए जाने पर ही उन्हें ज़मीन का मालिकाना हक दे सकती है। यह हक सिर्फ उन लोगों को मिलेगा जो गरीब हैं और जिनके पास रहने का कोई और ठिकाना नहीं है। सरकार यह तय कर रही है कि ऐसे लोगों की पहचान कैसे की जाए। इन सभी बातों पर फैसला होने के बाद ही सरकार कोई आदेश जारी करेगी।

लगभग डेढ़ लाख सरकारी जमीन पर कब्जा
सरकारी जमीनों पर सबसे ज्यादा कब्जे हैं। सर्वे पूरा होने के बाद ही पता चलेगा कि कितनी जमीन पर कब्जा है। अनुमान है कि लगभग डेढ़ लाख जमीन पर कब्जा है। सरकार ऐसे लोगों को सख्ती से हटाएगी। इसके लिए जल्द ही अभियान शुरू होगा।

राजस्व विभाग पहले ही जिलों को सरकारी जमीन खाली कराने का आदेश दे चुका है। यह अभियान जारी है। लेकिन, सर्वे में कब्जा करने वालों को कोई राहत नहीं मिलेगी। अगर कहीं भी कब्जे की आशंका हुई, तो जमीन तुरंत खाली कराई जाएगी।




