Bihar

EOU करेगी बिहार में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच, 10 करोड़ के ऑफर की खूब हुई थी चर्चा…

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बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के फ्लोर टेस्ट के दिन जेडीयू के तीन विधायक सदन में देरी से पहुंचे थे। वहीं स्पीकर के चुनाव में जदयू के कई विधायक शामिल ही नहीं हो पाए थे। जिसके बाद महागठबंधन की ओर से जदयू विधायक को तोड़ने के लिए 10-10 करोड़ रुपये और मंत्री पद का प्रलोभन दिए जाने के साथ विधायक बीमा भारती और दिलीप राय के अपहरण की शिकायत पूर्व मंत्री व हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद अब विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच EOU (आर्थिक अपराध इकाई) करेगी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह मामला अब ईओयू को ट्रांसफर हो गया है।

अब इस मामले की जांच कोतवाली थाने की पुलिस नहीं बल्कि आर्थिक अपराध इकाई को दिया गया है। नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट के दिन ही विधायक सुधांशु शेखर ने 12 फरवरी को कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि साजिश के तहत सरकार को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे अंजाम देने के लिए विधायकों को दस करोड़ का प्रलोभन दिया जा रहा है। जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने लिखित शिकायत में कहा था कि एक परिचित के माध्यम से इंजीनियर सुनील ने 9 फरवरी को उनसे बात की थी। उन्होंने महागठबंधन के साथ आने के लिए उन्हें 10 करोड़ और मंत्री पद का प्रलोभन दिया था।

अगले दिन 10 फरवरी को पूर्व मंत्री नागमणि कुशवाहा ने जानकारी दी थी कि एक कांग्रेस नेता बात करने चाहते हैं। इसके कुछ देर बाद कांग्रेस नेता ने उनके पास इंटरनेट कॉल की। उसने खुद को राहुल गांधी का करीबी बताते हुए कहा कि हमारे साथ आ जाईये। विश्वासमत प्रस्ताव में गठबंधन का साथ दीजिए। इसके बदले आपकी सारी मांग पूरी की जाएगी।

हिलसा के विधायक श्रीकृष्ण मुरारी शरण को भी राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने 31 जनवरी को फोन कर गठबंधन को समर्थन देने पर मंत्री पद का प्रलोभन दिया था। इसी प्रकार से विधायक निरंजन कुमार मेहता को भी प्रलोभन और धमकी दी गई। सुधांशु शेखर ने विधायक बीमा भारती और दिलीप राय के अपहरण का आरोप लगाया।

आपको बता दें फ्लोर टेस्ट के लिए बिहार में विधायकों क खरीद-फरोख्त की चर्चाएं जोरों पर थी। साथ ही 10 करोड़ के ऑफर के शोर भी तेज था। कांग्रेस, बीजेपी, और जेडीयू ने अपने-अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट कर दिया था। वहीं आरजेडी के विधायक तेजस्वी यादव के आवास पर जमा थे। वहीं क्राइम ब्रांच और खुफिया विभाग के अधिकारी भी सादे लिबास में मुख्य जगहों पर तैनात थे। हालांकि विधायकों की खरीद-फरोख्त की चर्चा के बीच नीतीश सरकार ने आसानी से बहुमत हासिल कर लिया था। सरकार के पक्ष में 129 वोट पड़े थे। जबकि विपक्ष वॉकआउट कर गया था।

Avinash Roy

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