देश सेवा में बिहार के एक और लाल का बलिदान, शहादत की खबर सुन पत्नी हुई बेहोश; पिता की बिगड़ी तबियत

लेह में ड्यूटी पर तैनात बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली निवासी एनएसजी कमांडो नायक दीपक कुमार (31 वर्ष) शहीद हो गए। शहीद नायक दीपक कुमार सिंह बरौली नगर परिषद के वार्ड संख्या 8 के निवासी प्रह्लाद सिंह के पुत्र थे। दीपक के शहीद होने की सूचना बुधवार कि सुबह यूनिट के कर्नल ने उनके पिता को मोबाइल पर दी। खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई।

शहीद दीपक एक माह पूर्व घर पर छुट्टी बिताने के बाद लेह-लद्दाख अपनी ड्यूटी पर वापस लौटे थे। उनके पिता प्रह्लाद सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह यूनिट के कर्नल ने उनके मोबाइल पर कॉल कर ड्यूटी के दौरान दीपक के शहीद हो जाने की सूचना दी। वहां से उसके पार्थिव शरीर को भेजे जाने की भी बात कही।

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शहीद नायक दीपक कुमार सिंह अपने तीन भाइयों में मंझला थे। वे 11 साल पूर्व अपने पिता की प्रेरणा से भारतीय सेना में बहाल हुए थे। गुरुवार की शाम या शुक्रवार की सुबह शहीद नायक का पार्थिव शरीर पैतृक गांव में पहुंचने की संभावना है। मृतक नायक की शादी हो चुकी है। 2 साल की एक बेटी भी है। दीपक इसके पहले अमरनाथ व दिल्ली में पदस्थापित थे।

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दो दिन पहले साथी से हुई थी वीडियो कॉलिंग से बात

शहर के निवासी गौहर ने बताया कि दो दिन पहले वीडियो कॉलिंग के जरिए दीपक से 10 मिनट तक बात हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों ने एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं दी थीं। गौहर ने बताया कि दोनों के बीच काफी देर तक हसीं-ठिठोली भी हुई थी। उसने जल्द घर आने की बात भी बताई थी। दीपक में अदम्य साहस था। वह वीरता व बहादुरी की बातें किया करते थे।

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पति की शहादत की खबर मिलते ही पत्नी हुई बेहोश

दीपक की शहादत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी माधुरी देवी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। बाद में पड़ोस की महिलाओं ने उसे संभाला। 2 साल की बेटी को ये समझ नही आ रहा था कि घर में ये क्या हो गया है और मां इतनी रो क्यों रही है। चह बार बार मां की तरफ निहारे जा रही थी।

बेटे की शहादत की खबर सुन पिता की बिगड़ी तबीयत

जवान के पिता प्रह्लालाद सिंह की तबीयत खराब हो गई है। वे लगातार रो रहे थे। किसी से बात करने की स्थिति में नहीं थे। परिवार के लोगों में चीख-पुकार मची थी। इधर,मां ने जब बेटे की शहादत की खबर सुनी तो बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। होश में आने के बाद वह बार बार एक ही बात कह रही थी कि ईश्वर ने ये क्या कर दिया।

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एक माह पूर्व ही हुई थी पोस्टिंग

शहीद नायक का साथी गौरव दुबे ने बताया कि करीब 1 माह पहले उसकी पोस्टिंग दिल्ली से लद्दाख में हुई थी। इसके पहले वे अमरनाथ में पदस्थापित थे। दीपक मिलनसार स्वभाव के थे। घर आने के बाद वो सबसे नम्र भाव से मिलते थे। लेह में शहीद हुए नायक दीपक कुमार सिंह के स्थानीय साथियों को जब उसके शहादत की खबर मिली तो वे उसके दरवाजे पर जुटने लगे। सभी शोक में डूबे हुए थे। गौरव, देवेश मुकुल, प्रिंस सिंह, मोहन पटेल, गौहर, बबलू, अतुल्लाह, अमित, सोनू समेत कई साथियों के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। दरवाजे पर मातमपुर्सी के लिए लोगों की भीड़ लगी थी।

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