स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक स्थानांतरण के खिलाफ खोला मोर्चा, 16 मई को होगा प्रदर्शन

समस्तीपुर : महासंघ भवन में शनिवार को बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला सामान्य परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अवलेश कुमारी ने की। बैठक में स्वास्थ्य कर्मियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला मंत्री राजीव रंजन ने संघ, महासंघ एवं अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के गौरवशाली इतिहास और संघीय ढांचे पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बिना प्रोमोशन के सामूहिक स्थानांतरण, जिला संवर्ग के पदों को राज्य संवर्ग में शामिल करने तथा कर्मियों की लंबित समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बिना प्रोमोशन सामूहिक स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए, जिला संवर्ग से राज्य संवर्ग किए गए पदों को पुनः जिला संवर्ग में शामिल किया जाए, लगातार तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों की सेवा समायोजित की जाए तथा 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मियों को एमएसीपी का लाभ दिया जाए। साथ ही सभी प्रकार की छुट्टियों की स्वीकृति जिला स्तर पर ही देने की मांग भी उठाई गई।

बैठक में राज्य कमेटी के निर्णय के अनुसार 16 मई को सभी सिविल सर्जन कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम 11 सूत्री मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 21 मई से 26 मई तक स्वास्थ्य कर्मी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे तथा 1 जून 2026 को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के पूर्व राज्याध्यक्ष लक्ष्मीकांत झा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए सामूहिक स्थानांतरण को स्थानांतरण उद्योग करार दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बिम्लेश चौधरी, अभिषेक कुमार, बिंदु कुमारी सिंह, जूही, संगीता कुमारी, रंजु कुमारी, रेखा कुमारी, मंजु कुमारी, शैलेंद्र कुमार, मोतसिन, पूजा भारती, मिनु कुमारी, निरंजन, प्रतिभा कुमारी, राम सेवक महतो, रामकुमार झा सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।


