स्व-गणना का मिलेगा विकल्प, पेपरलेस होगी जनगणना प्रक्रिया, GIS मैपिंग से जुड़ेगा हर वार्ड

समस्तीपुर : समस्तीपुर कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में डीएम-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि आगामी जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं बल्कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। बैठक में जिले के सभी वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों (बीडीओ/सीओ), प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
दो चरणों में होगी जनगणना :
जिला प्रशासन ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण के तहत सभी भवनों का मैपिंग किया जाएगा तथा परिवारों से जीवन स्तर से जुड़े 34 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के तहत प्रत्येक व्यक्ति की आयु, वैवाहिक स्थिति, साक्षरता एवं व्यवसाय सहित अन्य जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज की जाएगी।


पेपरलेस होगी जनगणना प्रक्रिया :
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से डेटा अपलोड करेंगे। साथ ही नागरिकों को स्वयं पोर्टल पर जाकर स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा। ऐसे परिवारों के यहां प्रगणक केवल रेफरेंस कोड का सत्यापन करेंगे।
GIS मैपिंग से नहीं छूटेगा कोई क्षेत्र :
जिले के सभी चार्ज और वार्ड को जीआईएस मैपिंग से जोड़ा गया है। प्रत्येक एन्यूमरेशन ब्लॉक की डिजिटल सीमा तय कर दी गई है ताकि कोई भी क्षेत्र गणना से वंचित न रहे।

डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर :
बैठक में बताया गया कि जनगणना से जुड़े सभी आंकड़े पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहेंगे और उनका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं नीतिगत कार्यों के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश :
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, प्रखंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा डेटा का रैंडम फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी एसडीओ, बीडीओ, प्रगणक, पर्यवेक्षक एवं मास्टर ट्रेनर उपस्थित थे।





