मुख्यमंत्री बनने के बाद भी झोपड़ी में ही रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर, आजीवन गरीबों की लड़ते रहे लड़ाई
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समस्तीपुर :- कर्पूरी ठाकुर के सहयोगी रहे समाजवादी नेता चंद्रिका सिंह ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देना विलंब से उठाया गया सही निर्णय है। इसके लिए वे केन्द्र सरकार की सराहना करते हैं। उन्होंने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर वैसे राजनेता थे जो आजीवन गरीबों की लड़ाई लड़ते रहे। राजनीति में शिखर पर रहने के बावजूद अपने लिये किसी तरह का भौतिक साधन नहीं जुताया। उन्होंने बताया कि 1977 में राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने गरीब, मजदूर व किसानों के लिए कई योजनाएं चलाईं।
बेरोजगार युवाओं के लिए जिला उद्योग केन्द्र की स्थापना कराने के साथ ही स्वरोजगार से भी जोड़ने की मुहिम चलायी थी। वर्तमान में वृद्ध लोगों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन भी उन्हीं की देन है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जन-जन के नेता थे। वे जनता के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी झोपड़ी में ही रहे लेकिन गलत तरीके से पैसा नहीं कमाया।


