ललन सिंह ने CBI को इतना पुख्ता सबूत दिया है कि तेजस्वी बचेंगे नहीं, समन पर बोले सुशील मोदी…

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लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत 17 लोगों को समन जारी कर 4 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया है। इस मामले पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सीबीआई को इतने पुख्ता सबूत दिए हैं, कि तेजस्वी यादव का बचना मुश्किल है।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रेलवे की नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सहित 17 लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र दायर होने के बाद उन्हें अब इधर-उधर की बात करने के बजाय सभी मुद्दों पर बिंदुवार जवाब देना चाहिए। जदयू अध्यक्ष ललन सिंह इस मामले में लालू प्रसाद , पुत्र तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी , पुत्री हेमा यादव और अन्य आरोपियों के विरुद्ध इतने पुख्ता सबूत सीबीआई को उपलब्ध करा चुके हैं कि इनमें से कोई सजा पाने से बच नहीं सकता है।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी बताएं कि वे दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी में 150 करोड़ के बंगले ( डी-1088) के मालिक कैसे बन गए? रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद के इशारे पर जिन लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई, उनकी जमीन एके इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ली गई। बाद में करोड़ों की इस कंपनी को तेजस्वी यादव ने मात्र 4 लाख में खरीद लिया। रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद का खुला ऑफर था- जमीन दो, नौकरी लो। इसी झांसे में आकर रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी (खलासी) पाने के लिए हृदयानंद चौधरी ने पटना की कीमती जमीन राबड़ी देवी और उनकी पुत्री हेमा यादव को दान में दे दी।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव में हिम्मत हो, तो इन आरोपों का जवाब प्रमाण के साथ जनता के सामने रखें। लालू प्रसाद ने पिछड़े, अतिपिछड़े समुदाय के वोट लेकर राज किया, लेकिन गरीबी केवल अपने परिवार की दूर की। जिन लोगों ने क्लर्क-चपरासी की मामूली नौकरी देने के बदले गरीबों की जमीन छीन ली, वे 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहे हैं। वहीं इस मामले पर तेजस्वी यादव ने कहा कि ये कोई पहला और आखिरी मामला नहीं है। ये सब चलता रहेगा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। इन सब मामलों में कोई दम नहीं है।





