फंड रहते हुए भी अटकी पड़ी है समस्तीपुर शहर में विकास की योजनाएं, जानें क्यों फंस रहा है पेंच…

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समस्तीपुर :- समस्तीपुर नगर निगम में विकास योजनाओं के क्रियान्यन के लिए आयी मोटी रकम महीनों अटकी हुई है। शहर में विकास योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलने से राशि का उपयोग नहीं हो रहा है। इन योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति अभियंताओं को देनी है जो अब तक लंबित है। इससे नगर निगम के पार्षदों व नगर प्रशासन में गतिरोध बना हुआ है।
विदित हो कि शहर में जलनिकासी करने के लिए बड़े ड्रेनेज का निर्माण कराने के अलावा वार्डो में सड़क व नाले निर्माण आदि की योजनाएं नगर निगम बोर्ड से पारित हैं। मेयर अनिता राम ने बताया कि नगर निगम प्रशासन जल्द से जल्द विकास योजनाओं को शहर में शुरू कराने के लिए तत्पर है, लेकिन अभियंता योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति देने में टालमटोल कर रहे हैं। उन्होंने योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति देने के लिए अभियंताओं को कड़ा पत्र भी भेजा है।

अभियंताओं से तकनीकी स्वीकृति जल्द नहीं मिलने पर वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व नगर विकास मंत्री से मिल कर स्थिति से अवगत कराएंगे। बता दें कि मेयर ने योजनाओं पर तकनीकी स्वीकृति देने के लिए कार्य प्रमंडल 1 समस्तीपुर के कार्यपालक अभियंता, आधारभूत संरचना व परिवहन, उत्तर बिहार उपभाग, नगर विकास विभाग बिहार सरकार, पटना के मुख्य अभियंता तथा नगर विकास अंचल, दरभंगा के अधीक्षण अभियंता को कड़ा पत्र लिखा है।

पत्र में तीनों अभियंताओं को मेयर ने कहा है कि आम नागरिकों व पार्षदों की भावनाओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया गया तो इसकी सारी जवाबदेही आपकी होगी। अभियंताओं से कहा गया है कि नगर निगम समस्तीपुर के आम चुनाव हुए सात महीने बीतने बीतने जा रहे हैं। निगम के खाते में योजनाओं की राशि रहते तकनीकी स्वीकृति के अभाव में नगर निगम योजनाओं पर कार्य नहीं करा पा रहा है। यह गंभीर मामला है।

आम नागरिकों द्वारा योजनाओं को क्रियान्वित कराने के लिए पार्षदों पर दवाब बनाया जा रहा है। जिस वजह से निगम के पार्षद द्वारा बोर्ड की बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। आम जनता और पार्षदों की कठिनाईयों को देखते हुए योजनाओं पर कार्य करना आवश्यक है। तत्काल पार्षदों के आवेदन पर विचार कर बोर्ड की बैठक स्थगित कर दी गई है।



