समस्तीपुर : राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर डाटा ऑपरेटरों ने निकाला मार्च, 29 वर्षों से लगातार सेवा लेने के बावजूद नहीं मिला लाभ

समस्तीपुर : राज्यकर्मी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले डाटा एंट्री ऑपरेटरों, स्टेनोग्राफरों और आईटी कर्मियों ने रोड मार्च निकाला। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज बुलंद की। मार्च में शामिल कर्मियों ने कहा कि राज्य सरकार करीब 29 वर्षों से उनकी सेवाएं ले रही है, लेकिन अब तक उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा और सेवानिवृत्ति से जुड़ी सुविधाएं नहीं मिली हैं।
संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष अनुराग नंदन और सचिव सुमन सौरभ ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 1997 से विभिन्न विभागों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों सहित अन्य कर्मियों की सेवाएं ले रही है। करीब 29 वर्षों से सरकारी कार्यों में योगदान देने के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सैकड़ों कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें सेवानिवृत्ति का कोई लाभ नहीं मिला है।

कर्मियों ने कहा कि सरकारी विभागों में ऑनलाइन कार्यों के निष्पादन, डाटा प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी अहम भूमिका है। विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में वे लगातार योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित राज्यकर्मियों के समान दर्जा और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। रोड मार्च के माध्यम से कर्मियों ने सरकार से तत्काल राज्यकर्मी का दर्जा देने और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की मांग की। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि लंबे समय से सेवा देने वाले कर्मियों की समस्याओं का समाधान सरकार को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मियों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेने की अपील की।



