ज्ञान गौरव जीविका महिला स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की चौथी वार्षिक आमसभा संपन्न, 82.55 लाख का हुआ कारोबार

समस्तीपुर : ज्ञान गौरव जीविका महिला स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड (टीएलसी) की चौथी वार्षिक आमसभा सोमवार को हसनपुर जितवारपुर परिसर में आयोजित हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधन, जीविका के विक्रांत शंकर सिंह, टीएलसी नोडल डॉ. रणजीत कुमार, एसबीआई काशीपुर के शाखा प्रबंधक उमा शंकर सिंह, प्रशिक्षण प्रबंधक रणजीत कुमार, खरीदारी प्रबंधक सत्येंद्र पांडेय, अध्यक्ष नेहा कुमारी, सचिव राज कुमारी देवी एवं कोषाध्यक्ष रंजना कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
आमसभा को संबोधित करते हुए विक्रांत शंकर सिंह ने बताया कि ज्ञान गौरव टीएलसी ने इस वर्ष 82 लाख 55 हजार 327 रुपये का कारोबार किया है। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष 2027-28 में एक करोड़ रुपये का कारोबार करने का लक्ष्य निर्धारित कर सभी दीदियों से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।

वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कोषाध्यक्ष रंजना कुमारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी खर्चों के बाद टीएलसी ने 25 लाख 11 हजार 706 रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया। सचिव राज कुमारी ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 60 प्रशिक्षण बैच संचालित करने की योजना है। आमसभा में मौजूद सभी दीदियों ने हाथ उठाकर प्रस्तावों का सर्वसम्मति से समर्थन किया।
अध्यक्ष नेहा कुमारी ने कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जल्द कैडर का चयन करने की आवश्यकता जताई। टीएलसी नोडल रणजीत कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह महिलाओं द्वारा और महिलाओं के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। पिछले चार वर्षों से प्रत्यक्ष रूप से दो दर्जन से अधिक दीदियों को रोजगार मिल रहा है, जिससे उनके परिवारों के आर्थिक और सामाजिक विकास में मदद मिली है।

आईबीसीबी मैनेजर रंजीत कुमार ने अतिथियों एवं दीदियों का स्वागत करते हुए कहा कि जीविका गरीबी दूर करने का प्रभावी माध्यम है। खरीदारी प्रबंधक सत्येंद्र कुमार ने टीम भावना और एकजुटता की सराहना की। सुधांशु कुमार ने टीएलसी को सहकारिता का बेहतर मॉडल बताया। एसबीआई काशीपुर के शाखा प्रबंधक उमा शंकर सिंह ने लगातार चौथी बार टीएलसी के लाभ में रहने को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने बिहार के विकास में जीविका के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पहले लोग बैंक को खोजते थे, आज बैंक के अधिकारी दीदियों को खोजते हैं।
इस अवसर पर करीब दो दर्जन दीदियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वित्तीय प्रबंधन में विशेष योगदान के लिए सुबोध कुमार एवं गौरी रानी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गौरी रानी, मंजू देवी, सुबोध कुमार, सूदन पासवान समेत सैकड़ों दीदियां मौजूद थीं। कार्यक्रम में छायाकार रवींद्र कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



