समस्तीपुर : केले के पत्तों पर परोसा गया MDM, बच्चों ने लिया पारंपरिक भोजन का आनंद

समस्तीपुर : जिले के पूसा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय ग्रामीण प्रतिष्ठान, बिरौली में भारतीय संस्कृति और आधुनिक स्वच्छता का अनूठा संगम देखने को मिला। मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के समय विद्यालय के बच्चों को पारंपरिक तरीके से केले के पत्तों पर भोजन परोसा गया। भोजन शुरू करने से पहले बच्चों ने पंक्तिबद्ध होकर हाथ जोड़कर ईश्वर का स्मरण किया और भोजन मंत्र का जाप किया।
अन्न के प्रति सम्मान और आभार की इस पहल के बाद बच्चों को ताजे व स्वच्छ केले के पत्तों पर पौष्टिक मध्याह्न भोजन परोसा गया। प्लास्टिक और स्टील की थालियों से अलग प्राकृतिक पत्तों पर बैठकर बच्चों ने उत्साह और चाव के साथ भोजन का आनंद लिया। विद्यालय की इस पहल से बच्चों में अपनी संस्कृति से जुड़ाव के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी गया। केले के पत्तों पर भोजन परोसने से बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में मदद मिलने की बात कही गई।


जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) प्रेम शंकर झा ने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भोजन से पूर्व ईश्वर का स्मरण और अन्न का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। ऐसे प्रयास बच्चों में अच्छे संस्कार और स्वच्छता की आदत विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय प्रशासन की इस पहल की स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी सराहना की। लोगों का कहना है कि इस तरह के प्रयासों से बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जागृत होती है और वे प्रकृति एवं पर्यावरण के महत्व को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।





