डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में 24-25 अगस्त को होगा नामांकन

समस्तीपुर/पूसा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में स्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया 24 और 25 अगस्त को पूरी की जाएगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की काउंसलिंग के बाद चयनित विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय ने दस्तावेज सत्यापन, शुल्क जमा करने और नामांकन की प्रक्रिया को लेकर नोटिस जारी कर दिया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, सभी स्नातक विषयों के लिए नामांकन शुल्क 26,075 रुपये, जबकि बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक के लिए 51,075 रुपये निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह शुल्क क्रमशः 22,875 रुपये और 47,875 रुपये होगा।
विश्वविद्यालय में नामांकन सीयूईटी (CUET) प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आईसीएआर की काउंसलिंग के बाद किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की विभिन्न रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए इस बार भी बड़ी संख्या में उच्च रैंक वाले विद्यार्थियों के नामांकन की संभावना जताई जा रही है। देशभर के विद्यार्थी विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए काफी उत्सुक रहते हैं। पिछले वर्ष भी यहां 27 राज्यों के विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था।


एकल खिड़की व्यवस्था से होगी नामांकन प्रक्रिया
नामांकन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने विभिन्न कमिटियों का गठन किया है और स्वयं पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय में एकल खिड़की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उन्हें नामांकन के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना न पड़े।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और उच्च दक्षता वाले शिक्षकों के कारण देशभर की बेहतर प्रतिभाएं विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए आकर्षित होती हैं। छात्र ही देश का भविष्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, स्किल डेवलपमेंट और समग्र विकास में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

28 अगस्त से शुरू होगा दीक्षारंभ
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव ने बताया कि नामांकन के बाद विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम 28 अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ. पांडेय की संकल्पना से शुरू हुआ दीक्षारंभ कार्यक्रम अब देशभर में लागू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि कुलपति विद्यार्थियों के समग्र विकास को लेकर लगातार सक्रिय रहते हैं। देश निर्माण में दीक्षारंभ की भूमिका को देखते हुए उन्हें इसके जनक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए योग समेत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। देश में विशिष्ट योगदान देने वाले अतिथि भी विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रेरित करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए भोजन, आवास समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इन सुविधाओं को लेकर आधिकारिक घोषणा नामांकन से एक-दो दिन पहले किए जाने की संभावना है। इस वर्ष विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर करीब 400, जबकि स्नातकोत्तर एवं पीएचडी में करीब 200 सीटों पर नामांकन लिए जाने की संभावना है।




