रात वाला नशा उतरा नहीं था, इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दी; तेजस्वी यादव पर जीतनराम मांझी का तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने पर तीखा तंज कसा है। मांझी ने कहा कि नशा शराब में होता तो नाचती बोतल, तेजस्वी का रात वाला उतरा नहीं था, इसलिए उन्होंने मुझे श्रद्धांजलि दे दी। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो मांझी ने एक वीडियो भी शेयर किया है। उसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव कथित रूप से दशरथ मांझी की जगह जीतनराम मांझी को श्रद्धांजलि देते हुए नजर आ रहे हैं।
जीतनराम मांझी ने तेजस्वी यादव पर नशा करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर हालात नहीं सुधरें तो आने वाले वक्त में ये जनाब जीते जी अपने पिता लालू यादव और मां राबड़ी देवी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे। मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहें हैं। नशा कुछ भी करा सकता है।”


रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को पटना स्थित आरजेडी के कार्यालय में माउटेन मैन दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को तेजस्वी यादव ने संबोधित किया। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और श्रद्धांजलि देते हुए गलती से दशरथ मांझी की जगह हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी का नाम ले लिया। उसी दौरान बगल में मौजूद आरजेडी नेताओं ने तेजस्वी को कहा कि वह गलत नाम ले रहे हैं। फिर नेता प्रतिपक्ष ने तुरंत ठीक करते हुए दशरथ मांझी का नाम लिया।

दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग
सभा में तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी को भारत रत्न देने और पटना में उनकी बड़ी प्रतिमा लगाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके नाम पर आश्रम भी बनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दशरथ मांझी के नाम पर राजनीति करने वाले एनडीए के नेता अपने कर्तव्य को भूल जाते हैं। एनडीए सरकार गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रही है। जब राज्य में राजद की सरकार थी, तब लालू जी ने गरीबों को बसाने का काम किया। लेकिन आज एनडीए सरकार इन्हें उजाड़ कर बेघर कर रही है।

हम सुप्रीमो बोले- दशरथ मांझी को भारत रत्न देने के लिए पीएम से बात करेंगे
दूसरी ओर, हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने भी माउंटेन मैन दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कह कि समाज के वंचित वर्ग में जन्म लेने के कारण दशरथ मांझी को वह सम्मान नहीं मिल सका, जिसके वह हकदार थे। उन्होंने 22 साल तक अथक मेहनत कर पहाड़ का सीना चीरकर लोगों के लिए सुगम रास्ता बनाया था।


