वंदे मातरम कवि सम्मेलन में देशभक्ति के रंग में रंगा सभागार, मिथिला विकास विमर्श में कवियों ने रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र जागरण का दिया संदेश
समस्तीपुर : होली मिशन हाई स्कूल, समस्तीपुर में शाम राष्ट्रीय कवि संगम के बैनर तले वंदे मातरम कवि सम्मेलन सह मिथिला विकास विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम के जिलाध्यक्ष आचार्य विजयव्रत कंठ ने की। उन्होंने ‘जिस धरती पर जन्म हुआ है, गीत उसी का गाना है, जन्मभूमि है स्वर्ग से बढ़कर, मंत्र यही दुहराना है’ का लयबद्ध काव्यपाठ कर पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय के निदेशक डॉ. धर्मांश रंजन ने स्वागत भाषण में कहा कि राष्ट्रीय भावना के विकास में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य के माध्यम से भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने मिथिला के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र जागरण और समाज सेवा है। उन्होंने कवियों से इसके लिए निरंतर तत्पर रहने का आह्वान किया। कवि सम्मेलन में कवयित्री शेफालिका झा ने ‘पावन पुनीत है परंपरा प्रथम देश’ प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। सुप्रसिद्ध कवि विनोद कुमार हंसौड़ा की मैथिली रचना ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वरिष्ठ गीतकार आनंद मोहन झा की प्रस्तुति पर श्रोता झूम उठे। साहित्य अकादमी से सम्मानित साहित्यकार अमित मिश्र ने अपनी रचना के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
होली मिशन हाई स्कूल, समस्तीपुर में राष्ट्रीय कवि संगम के बैनर तले वंदेमातरम कवि सम्मेलन सह मिथिला विकास विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम के जिलाध्यक्ष आचार्य विजयव्रत कंठ ने की।#Samastipur #HolyMissionSchool pic.twitter.com/Jm7HdER1zm
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युवा शायर राहुल भारद्वाज ने आतंकवाद के खिलाफ काव्यपाठ किया। वरिष्ठ कवि कुमुद प्रसाद गिरि ने अपनी रचना के माध्यम से भारत की पहचान और राष्ट्रवाद का संदेश दिया। उदय शंकर चौधरी नादान, विद्यासागर ब्रह्मचारी, प्रो. सत्यसंध भारद्वाज, रंजना लता और वैद्यनाथ रजक की प्रस्तुतियों को भी श्रोताओं ने सराहा। युवा शायर विजय कुमार ने प्रेम की कोमल भावनाओं को अपनी रचना के माध्यम से उकेरा। कवि अमरेश शिशिर ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान कवियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य अमृत रंजन ने किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए विद्यालय में समय-समय पर इस तरह के साहित्यिक आयोजन होने चाहिए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदेमातरम गायन के साथ हुआ। मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद थे।


