बिहार में दोगुना तक बढ़ गया जमीन का सर्किल रेट, गांवों से शहरों तक घर खरीदना हुआ महंगा
बिहार में अब जमीन और मकान खरीदना महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने गांवों से शहरों तक जमीन एवं मकान की रजिस्ट्री की दर बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों के लिए सर्किल रेट (एमवीआर) में 1.6 गुना की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसके साथ ही हर साल एमवीआर में 5 फीसदी की स्वतः बढ़ोतरी भी हो जाएगी।
बिहार में शुक्रवार से ही रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को बढ़ी हुई दर से निबंधन शुल्क देना होगा। इसके पहले ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2013 और शहरी क्षेत्रों के लिए 2016 में सर्किल रेट में बदलाव किया गया था। विभाग का कहना है कि वर्तमान एमवीआर की तुलना में बाजार दर बढ़ी है। इसीलिए यह बदलाव किया गया है।
गांवों में कितना बढ़ा सर्किल रेट?
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट में 1.6 गुना की बढ़ोतरी की गई है। यानी जमीन की रजिस्ट्री अब डेढ़ गुना से ज्यादा महंगी हो गई है।
शहरों में कितना बढ़ा सर्किल रेट?
बिहार के शहरों में घर, प्लॉट आदि खरीदने वाले लोगों को ज्यादा झटका लगा है। शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट को दोगुना बढ़ाया गया है। यानी कि अब निबंधन कराने के लिए पहले के मुकाबले डबल खर्च आएगा।
क्या होगा असर?
सर्किल रेट में बढ़ोतरी के साथ ही सरकार की आय में इजाफा होगा, मगर आम लोगों को महंगाई का झटका लग सकता है। जमीन निबंधन की दरें बढ़ने से रियल एस्टेट बाजार प्रभावित हो सकता है।

