चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, समस्तीपुर सदर अस्पताल में 10 बेड का वार्ड तैयार

समस्तीपुर : गर्मी बढ़ते ही जिले में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर स्वास्थ्य विभाग संभावित खतरे से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है। हालांकि चमकी बुखार का समस्तीपुर जिले में अभी कोई मामला सामने नहीं आया है। बावजूद इसके जिले के सभी प्रखंडों के एमओआईसी के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों को इससे निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। चमकी बुखार को ले सदर अस्पताल में 10 बेड तैयार किया गया है। सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि चमकी बुखार आमतौर पर गर्मी के मौसम के अंतिम समय और बरसात के आगमन के बीच ज्यादा प्रभावी होती है, इसलिए सभी आवश्यक तैयारी अभी से ही पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि चमकी बुखार को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध है। दवा में स्लाइन, ग्लूकोज सहित अन्य सभी दवाएं किट में उपलब्ध है। साथ ही रोस्टर के अनुसार डॉक्टर एवं नर्स की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। इधर चमकी बुखार को लेकर डीएम रोशन कुशवाहा द्वारा बीते दिनों सदर अस्पताल का निरीक्षण कर सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार को निर्देशित किया गया था। इसके बाद सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल में चमकी बुखार को लेकर माॅक ड्रील का आयोजन करा संभावित मरीजों के पहुंचने पर तैयारी का पूर्वाभ्यास किया था।

चमकी बुखार के लक्षण :
डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि चमकी बुखार के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, शरीर में ऐंठन, लगातार सुस्ती, उल्टी, बेहोशी और झटके आना शामिल हैं। कई मामलों में बच्चे अचानक बेहोश हो जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। डॉक्टरों ने कहा कि, देर होने पर बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
लीची खाने में सावधानी :
डीएस ने बताया कि गर्मी के मौसम में लीची खाने को लेकर भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि, खाली पेट अधिक मात्रा में लीची खाने से शरीर में शुगर का स्तर अचानक गिर सकता है, जिससे बच्चों में चमकी बुखार जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसलिए बच्चों को भरपेट भोजन कराने के बाद ही सीमित मात्रा में लीची खिलाने की सलाह दी गई है।

अभिभावकों के लिए सुझाव :
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल के अलावे जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड, दवाइयों, बेड और चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की साफ-सफाई, नियमित भोजन और हाइड्रेशन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल से संपर्क करें। समय पर इलाज और सतर्कता से चमकी बुखार से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

बयान :
चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। सदर अस्पताल में 10 बेड का वार्ड तैयार है। पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध है। फिलहाल एक भी चमकी बुखार का मरीज चिन्हित नहीं किया गया है।
डॉ. गिरीश कुमार, डीएस, सदर अस्पताल, समस्तीपुर



