कल्याणपुर में दियारा क्षेत्र से संचालित हो रहा अपराध का नेटवर्क, तीन अलग-अलग गैंग एक-दूसरे के जान के प्यासे, चल रही ताबड़तोड़ गोलियां

समस्तीपुर : कल्याणपुर थाना क्षेत्र एक बार फिर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना से दहल उठा है। बीते सोमवार की देर शाम फुलहारा गांव में दो पक्षों के बीच फायरिंग हुई। इसमें पुलिस ने एक खोका भी बरामद किया। इसी प्रकार रविवार की देर शाम बिरसिंहपुर चौक स्थित एक चाय दुकान के पास बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में अंधाधुंध फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन लगातार हो रही वारदातों के बावजूद अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कल्याणपुर थाना क्षेत्र में वर्चस्व और शराब कारोबार को लेकर आए दिन तीन अलग-अलग गैंगों के बीच गोलीबारी होती रहती है। बिरसिंहपुर चौक पर इसी स्थान पर पिछले सप्ताह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीएसपी संचालक से एक लाख रुपये लूट की घटना हुई थी। लूटपाट कर भाग रहे बदमाशों ने करीब चार राउंड फायरिंग भी की थी, लेकिन उस मामले में भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

गैंगवार में हुई थी फेंकन की हत्या :
इससे पहले 20 अप्रैल को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर भुआल गांव में दिनदहाड़े बाइक सवार अपराधियों ने चकमेहसी थाना क्षेत्र के उत्तराशाढ़ी गांव निवासी अमित कुमार उर्फ फेकन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में जितवारिया निवासी राजीव कुमार भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल और कई खोखे बरामद किए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई है की इस हत्याकांड को गैंगवार के तहत आपसी वर्चस्व स्थापित करने को लेकर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार मृतक फेकन ने भी खुद पर फायरिंग होता देख जवाबी फायरिंग की थी, लेकिन सामने से हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में वह संभल नहीं सका और मौके पर ताबड़तोड़ गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गयी।
चर्चा यह भी है कि फेकन की ओर से हुई फायरिंग में दूसरे गुट का एक बदमाश भी घायल हुआ था। एफएसएल जांच में घटनास्थल से तीसरे व्यक्ति के खून के नमूने मिलने की पुष्टि हुई है, जिससे इस आशंका को बल मिला है कि गोली लगने के बाद दूसरा बदमाश अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया था। घटनास्थल से बरामद पिस्टल भी मृतक फेकन का हो सकता है, पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
वहीं कल्याणपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक कुमार झा ने बताया था कि मृतक फेकन के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 19 आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने माना कि क्षेत्र में कई आपराधिक गुट सक्रिय हैं, जो लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई का दावा किया है। हालांकि हकीकत यह है कि फेकन हत्याकांड के एक महीने बीत जाने के बावजूद भी पुलिस कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर सकी है। नतीजा यह है कि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। हालांकि इस हत्याकांड को लेकर दरभंगा के डीआईजी मनोज तिवारी, एसपी समस्तीपुर अरविंद प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।

क्षेत्र में लगातार हो रही गोलीबारी की घटना :
बीते छह महीनों में तीन अलग-अलग गिरोहों के बीच वर्चस्व को लेकर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों पर कई फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी गिरोह की कमर तोड़ने में सफल नहीं हुई है, जिससे बदमाशों का मनोबल ऊंचा है। सूत्रों के अनुसार समस्तीपुर-दरभंगा बॉर्डर पर बागमती नदी के किनारे स्थित दियारा क्षेत्र इन गिरोहों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। यहीं छिपकर अपराध की साजिश रची जाती है और शराब कारोबार का संचालन होता है। दियारा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पुलिस वहां नियमित छापेमारी तक नहीं कर पा रही है। बदमाश इसका फायदा उठाकर आसानी से ठिकाने बदल लेते हैं।

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में इलाके में सक्रिय तीनों गिरोह पहले एक ही नेटवर्क का हिस्सा थे और मिलकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। लेकिन लेन-देन के विवाद, शराब कारोबार में हिस्सेदारी और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गुटबाजी बढ़ी और एक गिरोह टूटकर तीन अलग-अलग गुटों में बंट गया। अब ये सभी गुट एक-दूसरे के खून के प्यासे बने हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि आमना-सामना होते ही बदमाश बेखौफ होकर खुलेआम फायरिंग शुरू कर देते हैं। इन गिरोहों का मुख्य काम शराब तस्करी, लूट, रंगदारी और इलाके में दहशत कायम कर अपना वर्चस्व स्थापित करना बताया जा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है, जबकि पुलिस की कार्रवाई अब भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।



