पार्टी से निष्कासित नेता को 20 सूत्री में पद मिलने पर BJP में घमासान, नित्यानंद राय के एकाएक समस्तीपुर कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म

समस्तीपुर : उजियारपुर के सांसद सह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय शनिवार को अचानक समस्तीपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां वह सीधे डीएम चेंबर में गए। हालांकि पत्रकारों द्वारा डीएम से मुलाकात के उद्देश्य को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और बिना जवाब दिए वहां से निकल गए। मंत्री के इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि जिला स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में जिला उपाध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद के संबंध में ही उनकी डीएम रोशन कुशवाहा से बातचीत हुई है।
गौरतलब है कि 19 मई को डीएम कार्यालय द्वारा जारी आदेश में समिति के जिला उपाध्यक्ष और सदस्यों के पद को यथावत रखने की जानकारी दी गई थी। इधर, इस फैसले को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व विधायक व भाजपा नेता शील राय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पार्टी नेतृत्व और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को भाजपा ने दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में छह वर्षों के लिए निष्कासित किया था, उसे बिना दोबारा पार्टी में शामिल किए बिना ही जिला स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में जिला उपाध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद दे दिया गया।

शील राय ने इसे दलविरोधी आचरण का महिमामंडन बताते हुए कहा कि सरकार और संगठन में बैठे लोग यदि इसी तरह मर्यादाविहीन फैसले लेते रहे तो इससे पार्टी की जड़ें कमजोर होंगी। उनके बयान के बाद भाजपा के अंदरूनी असंतोष और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के अन्य नेताओं द्वारा भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जाने के बाद यह मामला अब राजनीतिक रूप से और गर्माता दिख रहा है।





