खेती में कॅरियर बनाने की सलाह दे गए ‘मामा’, कहा- ‘कृषि में बड़ा अवसर’
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समस्तीपुर/पूसा :- मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम व केन्द्र सरकार के कृषि एवं कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अपने संबोधन में मामा शब्द का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को काफी प्रभावित किया। मध्यप्रदेश के सीएम रहते वे मामा से ही लोकप्रिय थे। उस शब्द ने एक बार मौजूद छात्रों व अन्य मौजूद आंगुतकों को आकर्षित किया। इस दौरान उन्होंने कई बार इस शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मैं मंत्री नहीं मामा हूं। हमें इनोवेटिव आइडिया से मुखातिब कराएं। इससे कृषि क्षेत्र की विकास गति और तेज हो। कोई मैकेनाईजेशन के क्षेत्र में, तो कोई टमाटर के सेल्फ लाइफ बढ़ाने की दिशा में,तो कोई छोटे कृषि यंत्रों के विकास में आइडिया दें।
समस्तीपुर के पूसा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसा खेत देखकर चौंक पड़े जहां पिछले 20 सालों से बिना जुताई किये हो रही खेती; उपज भी दोगुनी#samastipur #pusa #ShivrajSinghChauhan pic.twitter.com/xLvbxJQx9X
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कृषि क्षेत्र के प्रत्येक क्षेत्रों के विकास के लिए मामा तैयार है। उन्होंने कहा कि बीते दिन एक अभियान के तहत किसान-वैज्ञानिक का मिलन हुआ। जिसमें कई समस्याएं किसानों ने रखी। उसके निदान की दिशा में भी डिग्री लेने वाले छात्रों को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उपाधि लेने वाले छात्रों से कहा कि वे खेती को कॅरियर बनाएं। उन्होंने कहा कि असली पूसा तो यहां है तो इसके साथ ही आपकी जिम्मेवारी भी काफी बढ़ गई है। विश्वविद्यालय में काफी विकास हुआ है। उसे और गति देने की जरूरत है। यह कृषि विश्वविद्यालय देश में कृषि क्षेत्र में नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कहा- बिहार के बिना देश और दुनिया का काम नहीं चल सकता।
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