समस्तीपुर : बागमती के कटाव से 80 मीटर जमीन नदी में हुई विलीन, लोगों के घर व भूमि चढ़ रहा कटाव की भेंट

समस्तीपुर/चकमेहसी : चकमेहसी क्षेत्र से गुजरने वाली बागमती नदी के जलस्तर में बुधवार को हल्की कमी आई है। बागमती नदी के जलस्तर में बीते एक सफ्ताह से लगातार बढ़ोतरी होने से चकमेहसी थाना क्षेत्र के बागमती नदी किनारे बसे नामापुर गांव में कटाव होने लगा था। नामापुर गांव स्थित निर्माणाधीन पुल के निकट नदी किनारे कटाव से करीब 80 मीटर से अधिक भूमि नदी में विलीन हो गया। नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ कटाव लगातार जारी था। जिसके कारण लगातार नदी के कटाव से किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही थी। कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कटाव रोधी कार्य जारी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कटाव रोकने के लिए मिट्टी भर कर बोरा कटाव स्थल के निकट रखा गया है। वही सैकड़ों की संख्या में बोरा में मिट्टी डालकर जमा किया गया है। जेसीबी मशीन से कटाव स्थल के निकट सुरक्षा के मद्देनजर स्लोप बनाया जा रहा है। हालांकि बागमती के जलस्तर में कमी के साथ कटाव रुक गया है। लेकिन बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर कटाव पुन: चालू होने पर सुरक्षा को लेकर तैयारी की जा रही है। मजूदरों के माध्यम से मिट्टी भरे बोरा को एकत्रित कर रखा गया है।

बताया गया है कि बागमती नदी की तीव्र धारा से हर वर्ष नदी किनारे कटाव की समस्या उत्पन्न होती रहती है। जिससे लोगों के घर व भूमि कटाव की भेंट चढ़ जाता है। लेकिन विभाग बाढ़ पूर्व कटाव को रोकने के स्थाई निदान करने समस्या के निराकरण का कोई पहल नहीं कर रहा है।





