Samastipur

नकली नोट का पाकिस्तानी नेटवर्क, नेपाल के रास्ते पूरे बिहार में जाल; अब NIA सुलझाएगा गुत्थी

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एनआईए की टीम बिहार में जाली नोट के बड़े नेटवर्क का सुराग ढूंढ रही है। जम्मू-कश्मीर के सरफराज ने बिहार में जाली नेटवर्क का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया है। उसका पाकिस्तान से कनेक्शन है। उसने सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क से युवाओं को जोड़ा है। नेपाल में बिहार के युवाओं को जाली नोट की खेप सौंपता है, जहां से नेटवर्क से जुड़े युवा बिहार और देश के अन्य राज्यों में इसे खपाते हैं।

एनआईए की टीम भागलपुर, सीवान, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर समेत कई शहरों में इस नेटवर्क से जुड़े युवाओं का सुराग ढूंढ रही है। पूर्वी चंपारण के बंजरिया में बीते साल सितंबर में खंडवा पुल के पास से पुलिस ने 1.95 लाख रुपये के 500 के 390 जाली नोट बरामद किए थे। इसमें भागलपुर इशाकचक के मो. नजरे शमसाद, भोजपुर सहार के मो. वारिस व पटना सिगोरी के मो. जाकिर हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। इसको लेकर बंजरिया थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। बिहार से जम्मू और पाकिस्तान तक इस नेटवर्क का जुड़ाव सामने आने के बाद अब इस केस को एनआईए ने ले लिया है।

बीते दिसंबर में एनआईए ने इसको लेकर नया केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसमें गिरफ्तार नजरे शमशाद, वारिस और जाकिर के सोशल नेटवर्क, मोबाइल सीडीआर और अन्य स्रोतों से जुड़े युवकों को जांच के दायरे में लिया है। सूत्रों की मानें तो बंजरिया में गिरफ्तार तस्करों के पास से मिले जाली नोट उच्च क्वालिटी के थे। उनकी पहचान आमलोगों द्वारा कर लेना मुश्किल है। आशंका है कि जाली नोट पाकिस्तान में छापे गये होंगे।

खास बातें :

● कश्मीर के सरफराज ने सीवान, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी में बनाए एजेंट

● बंजरिया से धराए गए तीन धंधेबाजों के सरफराज और पाकिस्तान से कनेक्शन

● एनआईए ने इस नेटवर्क के खिलाफ किया नया केस, मोबाइल सर्विलेंस से जांच

बिहार में युवाओं को कई खेप भेज चुका था नोट :

तीनों तस्करों ने पूछताछ में जम्मू के सरफराज का नाम कबूलनामे में बताया था। बिहार में युवाओं को सरफराज जाली नोट की कई खेप पूर्व में भेज चुका था, जिन्हें आसानी से मार्केट में खपा दिया गया था। नकली नोट की क्वालिटी बेहतर होने के कारण पहचानना मुश्किल है।

पहले इरफान तेलगी ने खड़ा किया था नेटवर्क :

पहले इरफान तेलगी ने बिहार में जाली नोट का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। मुजफ्फरपुर में भी उसके जाली नोट की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इमरान तेलगी को अलग-अलग जाली नोट के मामले में सजा हुई थी। इसके बाद लंबे समय तक जाली नोट के बड़े नेटवर्क पर ब्रेक लगी थी, लेकिन अब बंजरिया में बीते साल उच्च स्तरीय जाली नोट की खेप मिलने के बाद एनआईए ने बिहार में जांच शुरू कर दी है।

Avinash Roy

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