समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में विशेष भू-सर्वेक्षण कार्य की घोषणा एक अगस्त को की जा चुकी है। इसके घोषणा के साथ ही जिलेभर के सभी अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। भूमि सर्वेक्षण का कार्य ग्रामीण क्षेत्र में किया जाएगा। इसको लेकर प्रत्येक पंचायत में ग्रामसभा आयोजित की जा रही है। ग्राम सभा में एएसओ कानूनगो और अमीन मौजूद होंगे। जहां जनप्रतिनिधियों के साथ ही आम लोगों को इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी। 31 अगस्त तक स्वघोषणा पत्र जमा होंगे। आवश्यकता पड़ने पर इसकी तिथि बढ़ाई जा सकती है।
भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का विवरण खेसरावार प्रपत्र-2 में भरकर शिविर में जमा करना होगा। वहीं सरपंच द्वारा निर्गत वंशावली प्रपत्र-3 (1) में भरकर संलग्न कागजातों के साथ देना होगा। किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर प्रपत्र-8 में दावा या आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। रैयती भूमि से संबंधित आपत्तियों की सुनवाई विशेष सर्वेक्षण कानूनगो और सरकारी भूमि से संबंधित आपत्तियों की सुनवाई विशेष सर्वेक्षण सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी करेंगें।
विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011 जिसके आधार पर वर्तमान सर्वे किया जाना है। जिसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से डिजिटाज्ड ऑनलाइन अधिकार अभिलेखों एवं मानचित्रों का संधारण, संरक्षण एवं अद्यतीकरण की प्रक्रिया की निरंतरता को बनाए रखना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रक्रिया को आनलाइन देखा जा सकता है। कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक दिन विभाग के साइट पर अपलोड किया जाएगा। जिसे बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित सेवा साइट पर देखा जा सकता है।
कोई भी व्यक्ति dlrs.bihar.gov.in पर क्लिक कर अपना जिला, अंचल, मौजा को चुन आपने ग्राम में सर्वे की स्थिति, गाँव में कार्यरत अमीन, कानूनगो, शिविर प्रभारी का विवरण के साथ सर्वेक्षण का कार्य किस स्तर पर है इसे देख सकते है। इन सर्वेक्षण कार्य को पूरा करने के लिए 25 जुलाई 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अगर आप बिहार में अपनी जमीन का सर्वे करवाना चाहते हैं तो आपको कुछ जरूरी कागजात देने होंगे। ये कागजात इस बात पर निर्भर करते हैं कि जमीन आपके नाम पर है या आपके परिवार के किसी और सदस्य के नाम पर थी। अगर जमीन आपके नाम पर है तो आपको सिर्फ अपने नाम के कागजात देने होंगे, लेकिन अगर जमीन आपके दादा-दादी, माता-पिता या परिवार के किसी और सदस्य के नाम पर थी और अब वे नहीं हैं, तो आपको उनके नाम के साथ-साथ अपने नाम के भी कागजात देने होंगे।
अगर जमीन आपके पूर्वजों के नाम पर थी और अब वे नहीं हैं तो आपको उनके मरने का सबूत देना होगा, यह सबूत उनकी मृत्यु का प्रमाण पत्र होगा। इसके अलावा आपको उनकी जमीन के पुराने रिकॉर्ड भी देने होंगे जैसे कि जमाबंदी या मालगुजारी रसीद। इन रिकॉर्ड में जमीन की संख्या और साल का विवरण होना चाहिए। अगर आपके पास खतियान की कॉपी है तो वह भी दें। अगर आपने जमीन खरीदी है तो आपको जमीन खरीदने के कागजात भी देने होंगे। अगर जमीन को लेकर कभी कोई विवाद हुआ हो और कोर्ट ने कोई आदेश दिया हो तो वह आदेश की कॉपी भी देनी होगी। आपको एक कागजात देना होगा जिससे यह साबित हो कि आप ही उस जमीन के असली मालिक हैं। आपको सभी कागजात की फोटोकॉपी जमा करानी होगी। अगर जरूरत पड़े तो मूल कागजात भी दिखाने के लिए तैयार रहें। जमीन सर्वे के लिए जल्दी से जल्दी सभी कागजात तैयार करके जमा कर दें।
अगर किसी जमीन पर पहले से कोई विवाद है या मुकदमा चल रहा है, तो ऐसी स्थिति में सर्वे के दस्तावेज में उक्त जमीन से संबंधित तमाम विवरण के बाद ब्रैकेट में केस की संख्या भी लिखी जाएगी। जमीन के दस्तावेज में जिनका नाम दर्ज है, उनका नाम ही सर्वे दस्तावेज में दर्ज किया जाएगा। बाद में कोर्ट से आए फैसले के आधार पर इसमें संशोधन किया जाएगा।
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